Chorbagan Durga Puja Pandal Stampede: कोलकाता के चोरबागान में 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद अब एक ऐसी चश्मदीद की दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए. महज 16 साल की एक छात्रा ने News18 India को उस खौफनाक मंजर के बारे में बताया, जब उसकी आंखों के सामने उसकी दो दोस्त जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थीं. उसने अपनी एक दोस्त को बचाने के लिए CPR भी दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका.
छात्रा के मुताबिक, वह 17 अक्टूबर को अपने सात दोस्तों के साथ शाम करीब 3:20 बजे घर से निकली थी. सभी ने दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन किए और घूमने के बाद वहां से निकलने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने लगी. लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए. छात्रा ने बताया कि किसी तरह वह भीड़ से बाहर निकल आई, लेकिन उसकी दोनों दोस्त अंदर ही फंस गईं. इस दौरान कुछ लोग उसके ऊपर भी गिर पड़े.
‘कोई मदद के लिए नहीं आया’
छात्रा का आरोप है कि जब वह अपनी दोस्तों को बचाने के लिए पुलिस और वॉलंटियर्स से मदद की गुहार लगा रही थी, तब कोई उसकी बात नहीं सुन रहा था. उसने बताया, “हम चिल्ला रहे थे कि कुछ तो करो, मेरी दोस्त वहां फंसी हुई है, लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा था.” करीब एक घंटे बाद जब उसकी दोस्तों को बाहर निकाला गया, तब तक एक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरी की सांसें चल रही थीं. छात्रा ने बताया कि वह लगातार एंबुलेंस बुलाने और अस्पताल पहुंचाने के लिए चिल्लाती रही, लेकिन उसे तत्काल मदद नहीं मिली.
वॉलंटियर्स पर खड़े किए सवाल
अपनी दोस्त को बचाने के लिए छात्रा ने खुद CPR देने की कोशिश की. उसने बताया कि वह अपनी दोस्त की छाती पर जोर-जोर से दबाव डालती रही, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. काफी देर बाद एंबुलेंस पहुंची. छात्रा का आरोप है कि एंबुलेंस में एक साथ चार-पांच लोगों को डाला जा रहा था. उसने सवाल उठाया कि अगर उनमें कोई जीवित था, तो समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी जान को भी खतरा हो सकता था. छात्रा ने वॉलंटियर्स की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि भीड़ को संभालने के लिए वे कुछ नहीं कर रहे थे.
‘अपनी दोस्त को उसकी साड़ी से पहचाना’
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात बताते हुए छात्रा ने कहा कि उसकी एक दोस्त का चेहरा इस कदर बिगड़ गया था कि उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था. उसने अपनी दोस्त को उसकी साड़ी से पहचाना. छात्रा के मुताबिक, सभी दोस्त दर्शन करने के बाद काले रंग के पंडाल के नीचे खड़े थे, लेकिन बाद में भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए. उसने बताया कि वे पहले ही वहां से निकलना चाहते थे, लेकिन उसकी दोनों दोस्त भीड़ में ही रुक गई थीं. अब अपनी आंखों के सामने दोस्तों को खोने वाली यह 16 वर्षीय छात्रा उस खौफनाक मंजर को याद कर रही है, जिसमें उसने अपनी सहेलियों को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उन्हें बचा नहीं सकी.
चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 19 की मौत
मृतकों में पूर्व बर्धमान की 37 वर्षीय तागर बेज और उनका 14 वर्षीय बेटा संदीप बेज भी शामिल हैं. इसके अलावा, बारानगर के 59 वर्षीय दिलीप घोष और उनकी 45 वर्षीय पत्नी दीपाली घोष की भी मौत हो गई. दंपती का एक बेटा है. मृतकों की सूची में हुगली जिले के बैद्यबाटी की 26 वर्षीय श्रीपर्णा पोद्दार, कोलकाता के श्यामपुकुर की 45 वर्षीय मिठू मंडल, हावड़ा के बाली की 17 वर्षीय आकृति कुमारी, न्यू टाउन की 17 वर्षीय बरनाली हलदर और 18 वर्षीय तानिया बिस्वास, कोलकाता के मानिकतला के 33 वर्षीय शुभम शंकर तथा नदिया जिले के चकदाह की 44 वर्षीय आरती सरकार बिस्वास के नाम भी शामिल हैं.
सूची में पूर्व बर्धमान की तागर बेज (37) और संदीप बेज (14), उत्तर 24 परगना जिले के खरदाह की 46 वर्षीय कल्पना जाना, हावड़ा के 66 वर्षीय विकास भट्टाचार्य, दक्षिण 24 परगना जिले के बकराहाट की 20 वर्षीय स्नेहा भवाली, हुगली की 25 वर्षीय पियाली प्रमाणिक, न्यू बैरकपुर की 18 वर्षीय प्रिया सामद्दार, अगरपाड़ा के 31 वर्षीय प्रांजल सरकार तथा बारानगर के दिलीप घोष (59) और दीपाली घोष (46) के नाम भी दर्ज हैं.

