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Valmiki Tiger Reserve: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों ने पेड़ पर लटकी हिरण की खोपड़ी और सींग देखे. नेचर गाइड ने बताया कि बाघ के शिकार के बाद बचे इन सींगों को हिरण अपनी कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए खाते हैं, क्योंकि ये शुद्ध हड्डियों से बने होते हैं. जानें इसके रोचक तथ्य.
पश्चिम चम्पारण: करीब 900 वर्ग किलोमीटर में फैला वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बेहद सस्ती दरों पर जंगल सफारी के लिए प्रसिद्ध है. सफारी के दौरान पर्यटकों को वन्य जीवों के अतिरिक्त कुछ ऐसी चीजों का भी दीदार होता है, जो सामान्य से हट कर बेहद अनोखी और रोचक होती हैं. वर्ष 2026 का पर्यटन सत्र समाप्त होने से पहले VTR में सफारी के लिए पहुंचे पर्यटकों को कुछ ऐसी ही चीजें देखने को मिली थीं, जिनका जिक्र हम इस लेख में कर रहे हैं.
हिरण का शिकार
टाईगर रिजर्व के डिविजन 01 के अंतर्गत आने वाले मंगुराहा रेंज में सफारी शाम की सफारी के दौरान पर्यटकों को पेड़ पर लटकी हिरण की खोपड़ी और उससे जुड़ी सींगे दिखाई दी. इसपर मौके पर मौजूद नेचर गाइड सूरज ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही एक बाघ ने उस हिरण को अपना शिकार बनाया था. सबकुछ खाने के बाद खोपड़ी का हिस्सा बच गया था, जिसपर सींग लगी है.
कैल्शियम युक्त होता है सींग
चुकी इस हिस्से में न तो मांस बचा था और न ही रेशे इसलिए इसका सफाया सियार, लकड़बग्घा और गिद्ध भी नहीं कर पाते हैं. लेकिन यहां आश्चर्यचकित करने वाली बात यह है कि इस खोपड़ी पर लगी सींग को आस पास रहने वाले हिरण ही खाना शुरू कर देते हैं. दरअसल, हिरण के सींग कैल्शियम युक्त होते हैं. वैज्ञानिक भाषा में इन अंगों को ‘एंटलर’ कहा जाता है, जो आम गाय-भैंस के सींगों से बिल्कुल अलग होते हैं.
नेचर गाइड करते हैं यह काम
जहां गाय-भैंस के सींग जीवनभर एक जैसे रहते हैं. यह कैरेटिन से बने होते हैं. वहीं हिरण के एंटलर शुद्ध हड्डियों से बने होते हैं जो कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर होते हैं. मजे की बात यह है कि खुद हिरण ही इस भाग को बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. जिससे उनमें कैल्शियम की कमी पूरी होती है. सूरज का कहना है कि इसको खाना हिरण को लाभ के साथ नुकसान भी पहुंचता है. इसलिए VTR के नेचर गाइड उसे जमीन से उठाकर पेड़ पर रख देते हैं.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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