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छोटी बचत योजनाओं पर सरकार ने दिसंबर तक फिर कोई बदलाव नहीं किया है. Small Saving Scheme : सरकार ने एक बार फिर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी सुकन्या, पीपीएफ और एनएससी जैसी योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में ढाई साल से बदलाव नहीं हुआ है.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. पीपीएफ, सुकन्या और एनएससी जैसी करीब 6 छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर बुधवार को फैसला लिया गया. इसमें बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए भी इन छोटी बचत योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है.
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलात विभाग ने जानकारी दी कि चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर तक के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इन सभी योजनाओं की ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखा जाएगा. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों का फैसला हर साल 4 बार किया जाता है और हर तिमाही के लिए ब्याज दर निर्धारित की जाती है. इन ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए सरकारी बॉन्ड के रिटर्न को आधार बनाया जाता है.
अभी किस योजना पर कितना ब्याज
- पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1 फीसदी ब्याज है.
- सुकन्या समृद्धि योजना पर सालाना ब्याज 8.2 फीसदी है.
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है.
- राष्ट्रीय बचत पत्र यानी एनएससी पर 7.7 फीसदी ब्याज मिलता है.
- डाकघर की मासिक आय योजना पर सालाना ब्याज 7.4 फीसदी है.
- किसान विकास पत्र यानी केवीपी पर सालाना ब्याज 7.5 फीसदी है.
- डाकघर के रिकरिंग डिपॉजिट पर सालाना ब्याज 6.7 फीसदी है.
ढाई साल से नहीं बदली है ब्याज दर
सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार बदलाव जनवरी-मार्च, 2024 में किया था. तब 3 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी की ब्याज दर को 7 से बढ़ाकर 7.10 फीसदी किया था. इसके अलावा सुकन्या की ब्याज दर को 8 फीसदी से बढ़ाकर 8.20 फीसदी किया था. इसके बाद से अब तक छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और करीब ढाई साल से निवेशकों को एकसमान ब्याज मिल रहा है. देश में आज भी करोड़ों ऐसे निवेशक हैं, जो स्थिर रिटर्न की चाह में छोटी बचत योजनाओं में ही पैसे लगाते हैं. इन योजनाओं पर सरकार की गारंटी मिलती है, जिससे इसमें पैसे लगाने पर जोखिम नहीं होता है और गारंटीड रिटर्न भी मिलता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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