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IMD Weaather Today: देश में एक तरफ मानसून वापसी को बेताब है तो दूसरी तरफ समंदर में लगातार नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से बारिश की संभावना भी बन रही है. उच्च पर्वतीय इलाकों में अगले सप्ताह भी बारिश होने का पूर्वानुमान है. वहीं, देश के मैदानी हिस्सों में 24 सितंबर 2026 तक छिटपुट से मध्यम और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में पैदा नए मौसमी प्रणाली से तटवर्ती के साथ ही आसपास के इलाकों में बारिश होने की संभावना है. (फाइल फोटो)
IMD Weaather Today: दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं. 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है. इसके बाद मानसून वापसी की रेखा धीरे-धीरे दिल्ली और आसपास के इलाकों तक पहुंचेगी. मौसमी परिवर्तन की वजह से आने वाले कुछ हफ्तों में देशभर में मानसून कमजोर होता जाएगा. इससे बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना है. दूसरी तरफ, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नया वेदर सिस्टम बनने की वजह से तटवर्ती इलाकों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने का भी पूर्वानुमान जताया है. कुल मिलाकर बारिश का सीजन अपने अंतिम पड़ाव तक लगभग पहुंच चुका है. ऊंचे पर्वतीय इलाकों में मौसम में बदलाव की तस्वीर दिखने भी लगी है. कुछ इलाकों में बर्फबारी हुई है.
IMD के अनुसार, मानसून की वापसी के संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है. आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं. हालांकि, इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने और उसके बाद दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे पूर्वी, मध्य और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. आईएमडी के अनुसार, उत्तर थाईलैंड और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके उत्तर अंडमान सागर में पहुंचने की संभावना है. नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बनने के आसार हैं. इसके बाद यह प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत होकर अगले तीन से चार दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर जा सकती है.
पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ अब करीब 75 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में गर्त के रूप में मौजूद है. सिक्किम से बांग्लादेश होते हुए उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक गर्त और सिक्किम तथा आसपास के क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है.
Weather Systems, Forecast and Warnings :
❖ Conditions are becoming favourable for withdrawal of Southwest Monsoon from some parts of West Rajasthan around 19th September, 2026.
❖ An upper air cyclonic circulation lay over north Gujarat & neighbourhood in lower tropospheric… pic.twitter.com/dGCACO2UvI

