Honeybee Sting Facts In Hindi: क्या मधुमक्खियां जानबूझकर इंसानों को निशाना बनाती हैं? ज़िले के माधोपुर स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नीरज कुमार ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है. सच तो यह है कि मधुमक्खी का हमला दरअसल एक ‘सुसाइड मिशन’ होता है. मधुमक्खी सिर्फ अपने बचाव में डंक मारती है. उसका डंक इंसानी त्वचा में धंसते ही अंदर फंस जाता है. जब वह खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है, तो डंक के साथ उसके पेट के अंदरूनी अंग भी टूट जाते हैं, जिससे उसकी मौत हो जाती है. यानी आपको दर्द देने के बदले वह अपनी जान की कुर्बानी देती है. आखिर अलार्म फेरोमोन खतरनाक क्यों है? दरअसल, डंक मारते ही मधुमक्खी हवा में ‘अलार्म फेरोमोन’ नाम का केमिकल रिलीज करती है. यह बाकी श्रमिक मधुमक्खियों के लिए खतरे का सायरन होता है, जिसे सूंघते ही पूरा झुंड टारगेट पर एक साथ टूट पड़ता है.


