Last Updated:
Beans Farming Tips: पूर्वी चंपारण के कोव्या गांव के किसान रामेश्वर सिंह ने बोड़ी (लोबिया) की खेती कर कमाल कर दिया है. अंकुर डबल XL किस्म की बोड़ी(लोबिया) से किसान ठंड में भी बंपर पैदावार कर सकते हैं. इतना ही नहीं टूटने के 2 दिन बाद तक यह ताजा रहती है. 2 कट्ठा जमीन में 2 क्विंटल तक पैदावार देती है. किसान 6-7 महीने तक तुड़ाई कर सकते हैं. पढ़ें पूरी सक्सेस स्टोरी.
पूर्वी चंपारण: बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहां विभिन्न प्रकार के अनाजों के साथ-साथ हरी सब्जियों की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है. यहां की जाने वाली व्यावसायिक खेती में बोड़ी (लोबिया) का नाम भी प्रमुखता से शामिल है. बिहार के सब्जी बाजारों में कई तरह की बोड़ी देखने को मिलती है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी खास किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है. इस खास किस्म का नाम है अंकुर का डबल XL. पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड अंतर्गत कोव्या गांव के रहने वाले सफल किसान रामेश्वर सिंह ने इस बार अपने खेतों में इसी किस्म की बोड़ी लगाई है. वे इससे शानदार मुनाफा कमा रहे हैं.
क्यों खास है अंकुर डबल XL बोड़ी?
किसान रामेश्वर सिंह इस विशेष किस्म के बारे में कई अहम जानकारियां साझा करते हैं. उनका कहना है कि यह बोड़ी अन्य सामान्य किस्मों से काफी अलग और कई मायनों में विशेष है. आमतौर पर हरी सब्जियां टूटने के बाद जल्द ही मुरझा जाती हैं, लेकिन यह बोड़ी खेतों से तोड़ने के बाद भी 1 से 2 दिनों तक बिल्कुल ताजी बनी रहती है. जल्दी खराब नहीं होती. इसकी खेती अन्य सामान्य बोड़ी की तरह ही होती है. लेकिन इसमें फलन (पैदावार) काफी अधिक होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी बेल से लगातार 6 से 7 महीने तक तुड़ाई की जा सकती है. हल्के हरे रंग की इस बोड़ी का स्वाद लाजवाब होता है. जिसके कारण बाजारों में ग्राहकों के बीच इसकी मांग बहुत ज्यादा रहती है.
3500 रुपये क्विंटल बिक रही फसल
रामेश्वर सिंह बताते हैं कि बाजार में इस खास बोड़ी की अच्छी कीमत मिल रही है. अगर थोक भाव की बात करें तो किसान इसे 3500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच रहे हैं. वहीं खुदरा बाजार में आम ग्राहक इसे 50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीद रहे हैं.
ठंड के मौसम में भी खेती संभव, बंपर मुनाफा
आमतौर पर बोड़ी की फसल को अत्यधिक ठंड के मौसम को छोड़कर साल के किसी भी महीने में लगाया जा सकता है. लेकिन अंकुर डबल XL की विशेषता यह है कि इसे कड़ाके की ठंड में भी लगाया जा सकता है. हालांकि, अत्यधिक ठंड में फलन थोड़ा कम हो जाता है. रामेश्वर सिंह ने इस बार कुल 4 कट्ठा जमीन में इसकी खेती की है. उनके अनुसार यह विशेष बोड़ी मात्र दो कट्ठा जमीन में ही लगभग 2 क्विंटल तक की बंपर पैदावार दे देती है. कम लागत और सीमित जमीन में लगातार 6-7 महीने तक कमाई देने वाली यह फसल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
About the Author
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

