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R_HP_PANNC0325_UNA_602_18DEC_TRAINS_LATE_AMITSHARMA_PKGऊना. उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की सर्दी के साथ-साथ घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में सुबह और देर रात छाया रहने वाला घना कोहरा अब परिवहन व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. सड़क यातायात के साथ-साथ रेल सेवाएं भी इसकी चपेट में हैं.
विशेषकर हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाली ट्रेनों की रफ्तार कोहरे के कारण काफी धीमी हो गई है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. निर्धारित समय पर पहुंचने वाली कई रेल सेवाएं अब घंटों की देरी से स्टेशन पहुंच रही हैं. इसका सीधा असर न केवल यात्रियों पर बल्कि उन्हें लेने और छोड़ने आने वाले परिजनों पर भी पड़ रहा है. समय पर यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार, ऊना जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर सुबह 6:40 बजे पहुंचने वाली हिमाचल एक्सप्रेस वीरवार को करीब तीन घंटे की देरी से सुबह 9:35 बजे पहुंची. वहीं साबरमती–दौलतपुर चौक एक्सप्रेस भी अपने तय समय से लगभग आधा घंटा देर से स्टेशन पहुंची. सबसे अधिक हैरानी की बात यह रही कि प्रीमियम श्रेणी में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस भी कोहरे के असर से नहीं बच पाई और यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से एक घंटा 34 मिनट की देरी से ऊना रेलवे स्टेशन पहुंची. ट्रेन के इंतजार में सुबह से स्टेशन पहुंचे यात्रियों और उनके परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ा. यात्रियों का कहना है कि वे तय समय के अनुसार स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन घने कोहरे के चलते ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे उनकी दिनचर्या और जरूरी कामकाज पर भी असर पड़ा है.
हिमाचल में मैदानी इलाकों में धुंध हिमाचल प्रदेश में मैदानी इलाकों में कुछ जगह धुंध देखने को मिली है. मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र के अनुसार, मंडी में धुंध पड़ने से विजिबिल्टी 300 मीटर के करीब है. हालांकि, प्रदेश के अन्य इलाकों में धुध नहीं पड़ रही है. गुरुवार को प्रदेश में हालांकि, बादल छाए हुए हैं और बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं. स्टेशन में इंतजार कर रहे विवेक शर्मा ने बताया कि वह वंदे भारत ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मेरे रिश्तेदार दिल्ली से आ रहे थे, लेकिन अब ट्रेन लेट आएगा. उन्होंने बताया कि पहले भी ट्रेनें देरी से आई थी.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

