अधिकारियों ने बताया कि मनीलॉन्ड्रिंग का यह मामला मुंबई पुलिस की साइबर शाखा की ओर से दर्ज की गई एक प्राथमिकी से उपजा है. यह शिकायत वायकॉम18 मीडिया की ओर से ‘फेयरप्ले’ और अन्य के खिलाफ भेजे गए पत्र के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कॉपीराइट अधिनियम के उल्लंघन के कारण कंपनी को 100 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान होने का आरोप लगाया गया था.
बयान के मुताबिक, मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 19 सितंबर को दुबई स्थित जमीन, विला और फ्लैट को कुर्क करने तथा भारत में जमा बैंक राशि को जब्त करने का एक अनंतिम आदेश जारी किया गया था. इन संपत्तियों और बैंक जमा राशि की कुल कीमत 307.16 करोड़ रुपये है. ईडी ने कहा कि मामले में ‘अपराध की आय’ कई सौ करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
ईडी के अनुसार, ‘फेयरप्ले’ का संचालन मुख्य रूप से शाह दुबई से अपने सहयोगियों-अनिल कुमार ददलानी और अन्य की मदद से कर रहा था.
ईडी ने पिछले साल इस मामले में चार बार छापेमारी की थी और फरवरी में चिंतन शाह और चिराग शाह नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने एक अप्रैल को मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत के सामने मामले में आरोपपत्र भी दायर किया. ताजा कुर्की के साथ इस मामले में अब तक कुल 651.31 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है.

