नई दिल्ली: सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को
शेयर बाजार में तेजी दिख रही है। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक का कहना है कि अमेरिका में मंदी की आशंकाओं के बीच शेयर मार्केट में अभी और 20 फीसदी गिरावट आ सकती है। उनका मानना है कि अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के कारण कुछ निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते करीब 60 देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की थी। चीन ने इस पर जवाबी कार्रवाई की तो ट्रंप ने उस पर 50 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दे डाली। इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर के और गहराने की आशंका है। इससे महंगाई बढ़ने के साथ-साथ मंदी की आशंका भी बढ़ गई है। अमेरिका मंदी में फंसा तो पूरी दुनिया पर असर होगा।
फिंक ने न्यूयॉर्क के इकनॉमिक क्लब में कहा, ‘मैंने जिन CEO से बात की, उनमें से ज्यादातर का कहना है कि हम शायद अभी मंदी में हैं। उनका कहना है कि टैरिफ बढ़ने से कीमतें बढ़ेंगी। इससे महंगाई और बढ़ेगी।’ बुधवार को टैरिफ की घोषणा के बाद से शेयर बाजार में गिरावट आई है। लेकिन फिंक का कहना है कि यह लंबे समय में शेयर खरीदने का एक अच्छा मौका है, बेचने का नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे सिस्टम को कोई बड़ा खतरा नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम यहां से 20% और नीचे नहीं गिर सकते।
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आम लोगों पर असर
फिंक ने कहा कि शेयर बाजार में गिरावट का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और इससे उनकी खर्च करने की क्षमता प्रभावित होगी। असलियत यह है कि 62% अमेरिकी अब शेयर बाजार में निवेश करते हैं। इसलिए, बाजार में होने वाले बदलावों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस उथल-पुथल से लोग कम खर्च करेंगे और जल्दी ही ऐसा देखने को मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन नियमों में ढील देकर और विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर ध्यान केंद्रित करके खपत में आ रही कमी को दूर कर सकता है।
उन्होंने बड़े बैंकों के विलय की संभावना भी जताई लेकिन इस बात पर चिंता जताई कि अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े पूंजी बाजार के रूप में अपनी जगह खो सकता है। फिंक ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में चार या पांच बार कटौती करेगा, क्योंकि महंगाई बढ़ने की आशंका है। चीन अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। टैरिफ बढ़ने से वहां से आने वाला सामान महंगा हो जाएगा।
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ब्लैकरॉक की हैसियत
ब्लैकरॉक की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के कुल शेयरों और बॉन्ड्स का 10 फीसदी यही कंपनी संभालती है। यह दुनिया का सबसे बड़ा शेडो बैंक है। अगर हम यह कहें कि पूरी दुनिया इस कंपनी के कब्जे में है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। दुनिया के हर बड़े सेक्टर की बड़ी कंपनी में इसका हिस्सा है। साथ ही भारत की कई कंपनियों में भी ब्लैकरॉक की हिस्सेदारी है। पिछले साल के अंत में इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 11.60 ट्रिलियन डॉलर था। यही वजह है कि फिंक को दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स माना जाता है।