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Congress Working Committee Meeting: कांग्रेस की CWC बैठक अहमदाबाद में शुरू हुई, जिसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए, लेकिन प्रियंका गांधी वाडरा अनुपस्थित रहीं.
प्रियंका गांधी CWC मीटिंग में नहीं पहुंची. (PTI)
हाइलाइट्स
- प्रियंका गांधी अहमदाबाद में CWC बैठक से अनुपस्थित रहीं.
- बैठक में उनके भाई राहुल गांधी और मां सोनिया गांधी नजर आए.
- गुजरात में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने की रणनीति को लेकर यह बैठक हुई.
Congress Working Committee Meeting: कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय कार्य समिति (CWC) की बैठक आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय स्मारक में शुरू हुई. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, उनकी मां और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तो नजर आए लेकिन गांधी परिवार की बेटी प्रियंका गांधी वाडरा इस दौरान नदारद दिखी. उनकी गैर-मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया है. सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी एक पारिवारिक सदस्य के इलाज से लिए विदेश यात्रा पर हैं. उनकी इस अनुपस्थिति की जानकारी पहले ही लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस संसदीय दल को दी जा चुकी थी. यह स्पष्टीकरण कांग्रेस के आधिकारिक सूत्रों ने दिया है, ताकि उनकी गैरमौजूदगी को लेकर किसी तरह की अटकलों को रोका जा सके.
दो साल बाद यानी साल 2027 में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं. पिछली बार आम आदमी पार्टी ने गुजरात में कांग्रेस को खूब डैमेज किया था. CWC की यह बैठक गुजरात में कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि यह राज्य में पार्टी को फिर से जीवित करने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक प्रयास का हिस्सा है. बैठक के बाद 9 अप्रैल को साबरमती रिवरफ्रंट पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का सम्मेलन भी आयोजित होगा. यह आयोजन इसलिए भी खास है, क्योंकि गुजरात में करीब छह दशकों बाद AICC का सत्र हो रहा है. महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर यह आयोजन हो रहा है.
गुजरात में होंगे बदलाव?
बैठक में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर कई प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है. राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात में पार्टी के ढांचे में बड़े बदलाव की बात कही थी, जिसमें उन्होंने राज्य इकाई में बीजेपी के साथ मिलकर काम करने वाले नेताओं को हटाने की जरूरत पर जोर दिया था. इस संदर्भ में यह बैठक कांग्रेस के लिए “रीसेट मोमेंट” के रूप में देखी जा रही है, जिसका लक्ष्य 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी को चुनौती देना है. प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति ने उनके बढ़ते राजनीतिक कद को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दी है. हाल के महीनों में उनके संगठन में बड़ी भूमिका निभाने की संभावना पर बात हो रही थी. खासकर एक प्रस्तावित चुनाव प्रबंधन समिति के नेतृत्व को लेकर.

