DM मामले में बोलने से बच रहे
इस मामले में मीडिया की लगातार पहल के बाद प्रशासन सजग जरूर हुआ है, लेकिन जिलाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वह इसे नगर आयुक्त का मामला बताकर टालने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं पुल पर भी मामला सामने आने के बाद पहले तो खुल कर कुछ नहीं बोला गया।
नगर आयुक्त ने तोड़ी चुप्पी
पूर्णिया के नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने बताया कि यह पुलनुमा संरचना बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण के लिए न तो जल संसाधन विभाग से अनुमति ली गई है और न ही नगर निगम से कोई स्वीकृति प्राप्त है। यह मामला गंभीर है और खबर मिलते ही उन्होंने अमीन को जांच का आदेश दिया है। अमीन से कहा गया है कि वह भूमि मापी कर जांच करें और बताएं कि यह निर्माण निजी भूमि पर हो रहा है या नदी की धार पर।
भूमाफिया ने खड़ा कर दिया पुल
तस्वीरों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कोई तात्कालिक निर्माण नहीं है, बल्कि पिछले 10 दिन से यह काम चल रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भू-माफियाओं ने नदी के उस पार स्थित किसानों से भूमि को सस्ते दामों पर खरीद लिया है। अब अगर यह पुल बन जाता है तो उस पार की भूमि की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे भू-माफिया उसे मनमाने दामों पर बेचने की योजना बना रहे हैं।
अब पुल तोड़ने का ग्रामीण ही कर रहे विरोध
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस अवैध पुल निर्माण के खिलाफ आगे क्या कदम उठाता है। जब प्रशासन ने इस पुल को तोड़ने के लिए बुलडोजर भेजा, तो स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और बुलडोजर को वापस भेज दिया।

