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Adani Group Investment : अडानी समूह ने अगले 5 साल में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का प्लान बनाया है. यह पैसा समूह के नए बिनजेस एयरपोर्ट प्रबंधन और इन्फ्रा में लगाया जाएगा. कंपनी देश के 11 और एयरपोर्ट का परिचालन हासिल करने की तैयारी में है.
अडानी समहू के पास अभी 7 एयरपोर्ट के संचलान का जिम्मा है. नई दिल्ली. देश के दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी का प्लान अगले 5 साल में 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का है. यह सारा पैसा एक ही सेक्टर में लगाने की तैयारी है. अडानी समूह अपने एयरपोर्ट बिजनेस को बड़ा करने के लिए 11 अरब डॉलर (करीब एक लाख करोड़ रुपये) निवेश करने की योजना बना रहा है. अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अडानी ने बताया है कि यह पैसा एयरपोर्ट टर्मिनल की बोली, मौजूदा एयरपोर्ट में इन्फ्रा अपग्रेड करने और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस का काम भारत में ही शुरू करने जैसे कारोबार में लगाया जाएगा. अडानी समूह के पास पहले से ही 7 एयरपोर्ट के परिचालन का जिम्मा है.
जीत अडानी ने बताया कि अभी एयरपोर्ट यूनिट को अडानी इंटरप्राइजेज के साथ चलाया जा रहा है, जो आईपीओ लाने के साथ ही अलग कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि मार्च, 2028 तक एयरपोर्ट बिजनेस का आईपीओ बाजार में उतारने की तैयारी है. लेकिन, इससे पहले ही कंपनी का डिमर्जर किया जाएगा, ताकि निवेशकों और शेयरधारकों को इसकी बेहतर वैल्यू मिल सके. कंपनी ने अपनी लिस्टिंग कराने से पहले रणनीतिक निवेशक को शामिल करने पर भी विचार कर रही है.
11 एयरपोर्ट पर अडानी समूह की नजर
अडानी समूह के एयरपोर्ट बिजनेस में अभी देश के 7 बड़े हवाईअड्डे शामिल हैं, जिसमें मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर जैसे नाम हैं. अब अडानी समूह की निगाह 11 और एयरपोर्ट का संचालन हासिल करने की है. समूह की तैयारी इन एयरपोर्ट के निजीकरण को बोली लगाकर हासिल करने की है. इन 11 टर्मिनल में वाराणसी, भुवनेश्वर, अमृतसर जैसे शहरों के नाम शामिल हैं. सरकार अभी घाटे में चल रहे एयरपोर्ट को मुनाफे वाले एयरपोर्ट के साथ मिलाकर निजी कंपनियों को दे रही है, ताकि वे परिचालन का जिम्मा उठा सकें.
नवी मुंबई एयरपोर्ट को बनाया रोल मॉडल
अडानी समूह एयरपोर्ट बिजनेस के कायाकल्प की तस्वीर पहले ही पेश कर चुका है. नवी मुंबई में तैयार एयरपोर्ट इस कंपनी के इन्फ्रा की शानदार झलक पेश करता है. इस एयरपोर्ट के लिए कंपनी ने पहले 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया और दूसरे फेज में 30 हजार करोड़ के निवेश से मोनोरेल और 20 होटलों वाली एयरोसिटी विकसित करने की योजना है. यह एयरपोर्ट सालाना 2 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखता है. इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपग्रेडेड लगेज सुविधा के साथ खाने के भी कई विकल्प मिलेंगे. नवी मुंबई हवाई अड्डे में अडानी समूह की 74 फीसदी हिस्सेदारी है.
अडानी समूह के पास अभी कितना बिजनेस
अडानी समूह अपनी हवाईअड्डा यूनिट जिसका नाम अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड है, इसके जरिये भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट का संचालन करता है. कंपनी के पास देश में यात्रियों की आवाजाही में 23 फीसदी और माल ढुलाई में 33 फीसदी हिस्सेदारी है. अगर सरकार ने 11 हवाईअड्डों का निजीकरण किया और उसका संचालन अडानी के हाथ आता है तो यह कंपनी की बहुत बड़ी सफलता होगी, क्योंकि हिंडनबर्ग घटना के बाद से कंपनी का कारोबारी भरोसा थोड़ा कमजोर हुआ था, जिसे दोबारा हासिल करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

