नई दिल्ली. शाहदरा स्थित फर्श बाजार इलाके में चाचा-भतीजे के डबल मर्डर के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलाया कयिा है. पुलिस का दावा है कि महज 70 हजार रुपये के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया. वारदाज की पूरी साजिश एक नाबालिग ने रची. इस कांड को उसने महज 17 दिन के अंदर प्लान कर दिया. दिवाली के वक्त पटाखों के शोर के शोर के बीच उसने कांट्रैक्ट किलर्स के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया. डबल मर्डर मामले में शाहदरा के डीसीपी प्रशांत प्रिय गौतम ने बताया कि नाबालिग को पकड़ लिया गया है. आरोपी की मरने वाले के परिवार के साथ दूर की रिश्तेदारी है. इसलिए वह इन्हें चाचा बोलता था लेकिन इनके बीच में किसी तरह का कोई मिलना जुलना नहीं था. सीसीटीवी फुटेज में एक लड़का जो दिख रहा है स्कूटी पर वह यही है.
डीसीपी ने बताया कि हत्या की वजह आपसी रंजिश है. आकाश को नाबालिग को कुछ पैसे देने थे और उस पैसे को न देने पर दोनों पक्षों के बीच में अनबन हुई और इसकी वजह से यह नाबालिक बहुत गुस्से में था. उसने प्लानिंग करके इस वारदात को अंजाम दिया. यह नाबालिग साढ़े 17 साल का है. उसने ही इस हतयाकांड की पूरी प्लानिंग की थी. हमने इसका पिछला रिकॉर्ड चैक किया तो पता चला कि वो एक हत्या के केस में भी शामिल रहा है. मृतक आकाश पर भी छह मामले पहले से दर्ज हैं और इसका जो बड़ा भाई योगेश है उसके ऊपर भी 14 मुकदमे दर्ज है. दोनों पर लड़ाई झगड़ा, हत्या का प्रयास, रेप के मामले दर्ज हैं.
70 हजार रुपये के लिए मर्डर
डीसीपी ने कहा कि अभी जांच चल रही है कि कैसे यह शूटर से मिला. अबतक की जांच में नाबालिग की मुख्य भूमिका सामने आई है. बताया गया कि आकाश ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए थे. उसे कुल 70 हजार रुपए आकाश से लेने थे. पुलिस का मुताबिक उनकी पहले से प्लानिंग चल रही थी. तकरीबन 17 दिन पहले से यह लोग प्लान कर रहे थे और दोनों अलग-अलग आए थे. बताया गया कि शूटर कैसे आया था, किसने उसे हायर किया था, यह एक बार पकड़ने के बाद क्रॉस करना होगा. अभी तक वह जो भी कह रहा है, उसपर यकीन नहीं कर पा रहे. यह प्लान करके आए थे कि आकाश को मारेंगे. जब आकाश का भतीजा ऋषभ के पीछे भागा था तो हम लोगों को लगा कि कहीं वह पकड़ना ले इसलिए उन्होंने ऋषभ पर फायरिंग की थी. नाबालिक लड़का कुछ ऐसा खास नहीं करता है.
FIRST PUBLISHED : November 1, 2024, 14:25 IST

