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Muzaffarpur Public Opinion: गुजरात में हड़ताल और 12 घंटे काम के दबाव से परेशान होकर बिहार के मजदूर अपने घर लौट रहे हैं. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पहुंचे श्रमिकों ने 8 घंटे काम, समय पर वेतन और साप्ताहिक छुट्टी की मांग की है. साथ ही अब वापस गुजरात न लौटने का फैसला किया है. लोकल 18 पर उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई.
मुजफ्फरपुर: गुजरात में मजदूरों की हड़ताल के बीच बिहार के श्रमिकों का अपने घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है. सोमवार को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर गुजरात से आने वाली ट्रेन में बड़ी संख्या में मजदूर अपने-अपने गांव लौटते नजर आए. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अहमदाबाद से सहरसा जाने वाली ट्रेन की जनरल बोगी में यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दी. इनमें समस्तीपुर समेत बिहार के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले मजदूर शामिल थे. लोकल 18 की टीम ने स्टेशन पर लौट रहे मजदूरों से बातचीत की और गुजरात में कामकाज की स्थिति के बारे में जाना.
12 घंटे की ड्यूटी, आठ घंटे काम की मांग
समस्तीपुर जिले के रहने वाले मोहम्मद महबूब आलम गुजरात के अहमदाबाद में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि वहां की स्थिति फिलहाल अच्छी नहीं है. मजदूरों की प्रमुख मांग है कि उनसे आठ घंटे की ड्यूटी ली जाए और समय पर वेतन दिया जाए. इसके साथ ही परिवार के लिए जरूरी सुविधाएं और समय पर छुट्टी भी मिले.
महबूब आलम के मुताबिक, मजदूरों को कई बार 12 घंटे तक काम करना पड़ता है. उनका कहना है कि काम के घंटे तय होने चाहिए और श्रमिकों को नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश भी मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि वहां से करीब एक हजार मजदूरों के निकलने की बात सामने आई है. यह संख्या उनके बताए गए अनुमान पर आधारित है.
पैसे और काम के दबाव से परेशान होकर लौटे राहुल
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा के रहने वाले राहुल भी गुजरात से अपने गांव लौट रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह वहां एक कंपनी में ठेकेदार के माध्यम से काम करते थे. 12 घंटे की शिफ्ट में काम करने का दबाव था. उन्होंने वेतन और किराये से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया. इन परिस्थितियों से परेशान होकर उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया. राहुल ने साफ कहा कि अब वह गुजरात नहीं जाना चाहते. जरूरत पड़ी तो किसी दूसरी जगह काम करेंगे, लेकिन फिलहाल गांव में ही रहकर कुछ अपना काम शुरू करने की योजना है. उन्होंने बताया कि गांव में चाय की दुकान खोलकर रोजगार करने की सोच रहे हैं.
आठ घंटे काम, समय पर वेतन और साप्ताहिक छुट्टी की मांग
गुजरात से लौट रहे मजदूरों की बातचीत में काम के निर्धारित घंटे, समय पर वेतन और साप्ताहिक छुट्टी जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए. मजदूरों का कहना है कि लगातार लंबे समय तक काम करने के बजाय उन्हें तय समय के अनुसार काम करने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलना चाहिए.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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