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Nuh News: हरियाणा के नूंह के जालिका गांव में आंगनबाड़ी वर्कर पर एक्सपायरी प्रोटीन मिल्क बार बांटने का आरोप, बच्चों की तबीयत खराब। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वर्कर ने आरोपों को राजनीति का षड्यंत्र बताया.
हरियाणा के नूंह में आंगनबाड़ी केंद्र पर हंगामा हुआ है.
हाइलाइट्स
- नूंह में एक्सपायरी चॉकलेट बांटने से बच्चे बीमार.
- 3 बच्चों की हालत गंभीर, परिजनों ने किया हंगामा.
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
नूंह. हरियाणा के नूंह जिले के जालिका गांव में आंगनबाड़ी वर्कर पर एक्सपायरी डेट के प्रोटीन मिल्क बार (चॉकलेट) बच्चों और महिलाओं को बांटने का आरोप है. इससे बच्चों की तबीयत खराब हो गई. ग्रामीणों ने जब चॉकलेट पैकिंग को चेक किया तो पता चला कि पैकेट एक्सपायर हो चुके हैं. इसके बाद ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया और मौके पर डायल 112 पुलिस बुला ली. पुलिस ने एक्सपायरी डेट के पैकेट अपने कब्जे में लेकर उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया है.
दरअसल, हाल ही में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सर्दियों में कुछ मेन्यू पोषण आहार में बदलाव किए गए थे, जिनमें से एक प्रोटीन मिल्क बार को भी शामिल किया गया था. नूंह जिले के पुन्हाना उपमंडल के गांव जालिका में ये चॉकलेट के पैकेट उस समय बच्चों के लिए खतरा बन गए, जब इन्हें खाकर बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी. आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से एक्सपायरी डेट के प्रोटीन मिल्क बार बच्चों और महिलाओं को बांट दिए गए.
गांव जालिका के रहने वाले अजहरुद्दीन, निसार, जावेद खान, अब्दुल अज़ीज़ पुत्र नूर मोहम्मद, वसीम और सबनम सहित अन्य लोगों ने बताया कि बुधवार को शाम करीब 4 बजे गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मरियम ने बच्चों को चॉकलेट बांटी गई. चॉकलेट खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. चॉकलेट खाने वाले सभी बच्चे उल्टियां करने लगे, वहीं कुछ महिलाओं के शरीर पर भी इन्फेक्शन हो गया. एक साथ बच्चों की तबीयत बिगड़ता देख परिजन घबरा गए और अपने बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया.
ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने चॉकलेट के पैकेट देखे तो उनकी तारीख एक्सपायर थी. प्रोटीन मिल्क बार पैकिंग की तारीख 8 नवंबर 2024 लिखी थी और 5 फरवरी 2025 की एक्सपायरी डेट लिखी थी, जिससे बच्चों के बीमार होने की असली वजह सामने आ गई. ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मरियम ने जानबूझकर उनके बच्चों को एक्सपायरी डेट के पैकेट बांटे. ये लापरवाही उनके बच्चों की सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है. एक्सपायरी डेट की चॉकलेट खाने से जैसे ही बच्चों की तबीयत खराब हुई, वैसे ही उन्हें नजदीक के अस्पताल में भर्ती किया गया. ज्यादातर बच्चों को उल्टियां लगने की जानकारी सामने आई है. बच्चों के माता-पिता आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर इकट्ठा हो गए और डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी गई.
एक फरवरी को बांटे थे चॉकलेट
इन सभी आरोपों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मरियम ने राजनीति के चलते षड्यंत्र का हिस्सा बताया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मरियम का कहना है कि जिन चॉकलेटों को लेकर लोगों ने आरोप लगाया है वो गलत है. वो सभी चॉकलेट 1 फरवरी से पहले बांट दी गई थी, जिनका लिखित रिकॉर्ड हमारे रजिस्टर में मौजूद है. जिस पर उन सभी लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं. चॉकलेट बांटते समय सबको बताया भी गया था कि 5 फरवरी से पहले इनको इस्तेमाल कर लें, उसके बाद एक्सपायर हो जाएगी. लेकिन लोगों ने चॉकलेटों को यूज नहीं किया और अब सेंटर पर लाकर ये झूठा आरोप लगाया है, जो एक राजनीति का हिस्सा है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मरियम ने बताया कि कल 12 फरवरी को कोई चॉकलेट नहीं बांटी गई, खामखां ये बवंडर किया गया है. जिन बच्चों को बीमार बताया है, वो सब ठीक हैं और वो कुदरती बीमार थे, ना कि चॉकलेट खाने से बीमार हुए हैं.
Nuh,Mewat,Haryana
February 14, 2025, 07:16 IST

