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NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने युवाओं को ऐसे गुर बताए, यदि उनपर अमल कर लिया गया तो भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता. NSA ने युवाओं के एक कार्यक्रम में कहा कि यदि शेरों की फौज का नेता भेड़ हो तो डरने की बात नहीं है, लेकिन यदि भेड़ों की फौज का लीडर शेर हो तो उससे डरने की बात है.
NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा कि हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी के धर्मस्थल को तोड़ा. (फोटो: PTI) NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को ‘भारत का जेम्स बॉन्ड’ भी कहा जाता है. इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट रहते हुए उन्होंने ऐसे-ऐसे मिशन को अंजाम दिया है, जिनसे उनके कौशल और हिम्मत का अंदाजा लगाया जा सकता है. अजित डोभाल ने जबसे NSA की कमान संभाली है, भारत ने डबल ‘D’ यानी डिप्लोमेसी और डिफेंस को नई धार मिली है. डोभाल ने युवाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्हें लीडरशिप के गुर सिखाए. उन्होंने कहा कि यदि शेरों की झुंड का नेता भेड़ हो तो उससे डरने की बात नहीं है, लेकिन यदि भेड़ों की फौज का लीडर शेर हो तो उससे डरने की बात है. ग्लोबल लेवल पर हर दिन बदलते माहौल के बीच NSA ने कहा कि यदि आप पावरफुल हैं तो कोई भी आपका विरोध नहीं करेगा. साथ ही कहा कि भारत उनमें से नहीं जो दुश्मनों की लाशों को देखकर खुश या संतुष्ट हो. अजित डोभाल की इन बातों का महत्व इस वजह से बढ़ जाता है कि अमेरिका ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला पर न केवल अटैक किया, बल्कि लैटिन अमेरिकी देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया.
NSA अजीत डोभाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास की जो रफ्तार तय की है, उसी गति से भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश अब ‘ऑटोपायलट मोड’ में भी चले, तब भी भारत विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा. डोभाल शुक्रवार 10 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. अजीत डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे अभी से अपनी निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करें. उन्होंने कहा कि सही समय पर सही फैसला लेना ही किसी भी नेता की सबसे बड़ी ताकत होती है. उन्होंने युवाओं से कहा कि चाहे वे विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा या किसी भी अन्य क्षेत्र में नेतृत्व करना चाहते हों, उन्हें फैसले लेने की आदत और क्षमता अभी से विकसित करनी होगी. नेपोलियन के कथन का उदाहरण देते हुए एनएसए ने कहा कि भेड़ों की फौज का नेता अगर शेर तो उससे डर होता है, लेकिन शेरों की फौज का नेता अगर भेड़ है तो उससे डरने की बात नहीं है. अजित डोभाल ने कहा कि लीडरशिप मैटर करती है.
साहसिक फैसला लेना सीखना होगा – अजित डोभाल
डोभाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका और आज के युवाओं का समय भले ही अलग रहा हो, लेकिन एक बात दोनों में समान है और वह है निर्णय लेने की क्षमता. उन्होंने कहा कि यह क्षमता व्यक्ति के साथ जीवनभर रहती है और यही आगे चलकर देश के नेतृत्व में भी अहम भूमिका निभाती है. उन्होंने कहा, ‘भारत का विकसित होना तय है. NSA ने यह सवाल भी उठाया कि विकसित भारत का नेतृत्व कौन करेगा और वह कितना सक्षम होगा. उन्होंने कहा कि नेतृत्व का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह फैसले समय पर ले और उन्हें पूरे विश्वास और दृढ़ता के साथ लागू करे. डोभाल ने युवाओं से कहा कि अगर वे विकसित भारत के नेता बनना चाहते हैं, तो उन्हें अभी से साहसिक और जिम्मेदार फैसले लेना सीखना होगा.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

