कोटा : सोशल मीडिया पर मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि का दावा करने वाले क्रिस्टल ब्रेसलेट को लेकर अब कानूनी विवाद सामने आया है. एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पारस तोमर के खिलाफ कोटा के दो काउंसलरों ने जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग में परिवाद दायर किया है. आयोग ने 11 फरवरी 2026 को नोटिस जारी करते हुए 23 मार्च को पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं.
शिकायत के अनुसार, पारस तोमर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘एंग्जायटी फ्री ब्रेसलेट’ और ‘रिच-रिच कॉम्बो ब्रेसलेट’ नाम से उत्पादों का प्रचार करते हैं. विज्ञापनों में दावा किया गया कि इन क्रिस्टल ब्रेसलेट्स को पहनने से ओवरथिंकिंग कम होगी, गुस्सा नियंत्रित रहेगा, पैनिक अटैक घटेंगे और मानसिक शांति मिलेगी. वहीं दूसरे उत्पाद के संबंध में कहा गया कि इसे पहनने से धन आकर्षित होगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी.
ब्रेसलेट खरीद पर ठगा ग्राहक
कोटा निवासी पृथ्वीराज सिंह ने अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद 729 रुपए का भुगतान कर ‘एंग्जायटी फ्री ब्रेसलेट’ मंगवाया. उनका आरोप है कि दो महीने तक नियमित उपयोग के बावजूद मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. ग्राहक सेवा से संपर्क करने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
आर्थिक लाभ नहीं, बढ़ा कर्ज
इसी प्रकार कोटा के ही रजत नामक एक अन्य काउंसलर ने 11 अक्टूबर 2025 को 680 रुपए में ‘रिच-रिच कॉम्बो ब्रेसलेट’ खरीदा. उनका कहना है कि आर्थिक लाभ का कोई परिणाम सामने नहीं आया. बल्कि विज्ञापन के दावों पर भरोसा कर उन्होंने कर्ज ले लिया, जिसे चुकाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इससे उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान उठाना पड़ा.
फर्जी दावों पर उपभोक्ता शिकायत
पीड़ितों के अधिवक्ता के माध्यम से 4 नवंबर 2025 को पारस तोमर को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ. इसके बाद 30 नवंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत में कहा गया है कि इन उत्पादों के समर्थन में कोई वैज्ञानिक परीक्षण, क्लिनिकल प्रमाण या चिकित्सकीय अनुमोदन उपलब्ध नहीं है, फिर भी इन्हें मानसिक रोगों के उपचार, गुस्सा नियंत्रण और धन आकर्षण जैसे दावों के साथ प्रचारित किया गया.
आयोग ने जारी किया नोटिस
जिला उपभोक्ता आयोग कोटा बेंच के अध्यक्ष अनुराग गौतम और सदस्य सरनाम सिंह ने प्रथम दृष्टया मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए पारस तोमर और संबंधित कंपनी प्रतिनिधि को नोटिस जारी किया है. अब 23 मार्च को होने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखना होगा. मामला फिलहाल उपभोक्ता आयोग में विचाराधीन है.
कौन हैं पारस तोमर?
पारस तोमर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और उद्यमी के रूप में जाने जाते हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रिय मौजूदगी के चलते उन्होंने युवाओं के बीच एक अलग पहचान बनाई है. वे मोटिवेशनल और लाइफस्टाइल कंटेंट के साथ-साथ अपने ब्रांड से जुड़े उत्पादों का प्रमोशन भी करते हैं. वे Studd Muffyn नामक ब्रांड के संस्थापक और सीईओ बताए जाते हैं. अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे कॉस्मेटिक, हेल्थकेयर, स्किनकेयर और क्रिस्टल आधारित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करते हैं. उनके ब्रांड की पहचान खासतौर पर क्रिस्टल ब्रेसलेट और वेलनेस प्रोडक्ट्स को लेकर बनी है.
सोशल मीडिया उपस्थिति
इंस्टाग्राम: लगभग 6 लाख फॉलोअर्स
यूट्यूब: लगभग 9 लाख 35 हजार सब्सक्राइबर
फेसबुक: करीब 6 लाख फॉलोअर्स
डिजिटल दुनिया में उनकी मजबूत फॉलोइंग और ब्रांड प्रमोशन रणनीति ने उन्हें एक चर्चित ऑनलाइन पर्सनालिटी बना दिया है.

