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पूर्वांचल में 48 घंटे के भीतर हुई 3 सनसनीखेज हत्याओं ने लोगों को दहशत में डाल दिया. ट्रेन और अस्पताल को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देने वाले एक कथित साइको किलर ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए. आरोपी ने पहले दो यात्रियों की गोली मारकर हत्या की और फिर अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. बाद में ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन घटनाक्रम के रीक्रिएशन के दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई.
चंदौली: पूर्वांचल में 48 घंटे के भीतर हुई 3 सनसनीखेज हत्याओं ने लोगों को दहशत में डाल दिया. ट्रेन और अस्पताल को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देने वाले एक कथित साइको किलर ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए. आरोपी ने पहले दो यात्रियों की गोली मारकर हत्या की और फिर अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. बाद में ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन घटनाक्रम के रीक्रिएशन के दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई.
कैसे दिया घटना को इंतजाम
जानकारी के मुताबिक आरोपी सबसे पहले चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचा. बताया जा रहा है कि उसके पास दो हथियार थे, फिर भी वह रेलवे स्टेशन पर घंटों बेखौफ घूमता रहा. उसने ताड़ीघाट जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पकड़ी और गाजीपुर की ओर रवाना हो गया. कुछमन स्टेशन के पास आरोपी ने एक यात्री को बेहद करीब से गोली मार दी. यात्री की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी शव को ट्रेन से नीचे फेंककर फरार हो गया.
पहली वारदात के बाद आरोपी वापस डीडीयू जंक्शन पहुंचा और रात करीब एक बजे जम्मू-तवी एक्सप्रेस में सवार हो गया. एस-2 कोच में सफर कर रहे दिनेश साह को उसने सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई. आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर अंधेरे में गायब हो गया.
दूसरी हत्या के बाद आरोपी कई घंटे तक रेलवे ट्रैक के आसपास घूमता रहा. सुबह वह जीवक हॉस्पिटल पहुंचा, जहां उसने खुद को बीमार बताकर इलाज के लिए पर्ची कटवाई. इसके बाद वह अस्पताल के ऊपरी माले पर पहुंचा और भर्ती 65 वर्षीय महिला को निशाना बनाया. पहली गोली चूकने के बाद उसने दूसरी गोली मारकर महिला की हत्या कर दी. अस्पताल में चीख-पुकार मच गई और आरोपी भागने लगा.
ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर पुलिस के हवाले किया
गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण सक्रिय हो गए. ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में पुलिस जब घटनास्थलों पर ले जाकर पूरे मामले का रीक्रिएशन कर रही थी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक उसने फायरिंग भी की, जिसमें जीआरपी के जवान घायल हो गए. जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया. पूरे मामले ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतने संवेदनशील स्टेशन पर हथियार लेकर आरोपी का घंटों घूमना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है. पुलिस का दावा है कि आरोपी शराब की लत, मानसिक तनाव और अस्थिर व्यवहार से जूझ रहा था, जिसकी वजह से वह बेहद हिंसक हो चुका था.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

