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BPSC Protest: बीपीएससी छात्र प्रदर्शन मामले में प्रशांत किशोर के बाद अब खान सर और गुरु रहमान पर भी बीपीएससी ने तेवर सख्त कर लिये हैं. बिहार लोक सेवा आयोग के वकील ने दोनों कोचिंग संचालकों को भेजे लीगल नोटिस में कहा है कि अगर…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- खान सर और रहमान सर पर बीपीएससी ने भेजा लीगल नोटिस्.
- खान सर के पांचों संस्थान को बीपीएससी ने दिया लीगल नोटिस.
- 15 दिनों के अंदर जवाब देने और माफी मांगने के लिए कहा गया.
पटना. बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे हंगामे को लेकर बिहार लोक सेवा आयोग अब एक्शन में मूड में है. खास तौर पर बिना तथ्य के आरोप लगाने वालों पर आयोग कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है. इस क्रम में राजनेताओं के साथ ही कोचिंग संस्थानों के संचालकों को भी आयोग लीगल नोटिस भेज रहा है. निजी कोचिंग के संचालकों ने जिस तरह बीपीएससी परीक्षा पर सवाल खड़े किए और बीपीएससी की परीक्षा प्रणाली और अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए, इसको आयोग ने गंभीरता से लिया है. एग्जामिनेशन सिस्टम को कठघरे में खड़ा करने के साथ ही सीट बेचने के आरोप लगाए गए थे, इसको लेकर बीपीएससी ने जन सुराज के प्रशांत किशोर के बाद गुरु रहमान और खान सर पर शिकंजा कसा है.
शुक्रवार को प्रशांत किशोर को नोटिस भेजने के बाद इसी कड़ी में बिहार लोक सेवा आयोग के वकील ने खान सर के पांचो संस्थान को लीगल नोटिस भेजा है तथ्यों के साथ जवाब मांगा है. आयोग ने कहा है कि वह यह बताएं कि किस आधार पर उन्होंने बीपीएससी और अध्यक्ष पर इस तरह के आरोप लगाए हैं. बिहार लोक सेवा आयोग ने खान सर को 5 पेज का लीगल नोटिस भेजा है. उन पर आयोग के अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों को प्रयोग करने का आरोप है. खान सर को 15 दिनों के भीतर जवाब देने और माफी मांगने के लिए कहा गया है.
बता दें कि खान ग्लोबल के पांचों कोचिंग सेंटर को यह नोटिस भेजा गया है. खान सर पर यह आरोप है कि उन्होंने आयोग के अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग किया था. अधिकारियों पर टिप्पणियां की थी. इसी बात को लेकर आयोग ने दिल्ली के मुखर्जी नगर, करोलबाग, पटना के बोरिंग रोड, पटना के मुसल्लहपुर हाट और प्रयागराज वाले कोचिंग सेंटर पर पांच पन्ने का लीगल नोटिस भेजा है और 15 दिनों के भीतर खान सर को जवाब देने के लिए कहा है.
नोटिस में खान सर और रहमान सर को 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने के लिए कहा गया है. इस बीच आयोग के नोटिस पर गुरु रहमान ने कहा है कि किसी भी हाल में माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने कहा है कि छात्र हित में वह जेल भी जाने को तैयार हैं. उन्होंने एक बार फिर कहा कि आयोग के सचिव और अध्यक्ष झूठे हैं. मैंने नॉर्मलाइजेशन का विरोध किया था और अभी भी कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा. हर हाल में बिहार लोक सेवा आयोग छात्रों का हित देखे और री एग्जाम ले.
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को बीपीएससी के अधिवक्ता ने जन सुराज के प्रशांत किशोर को भी लीगल नोटिस भेजा था. आरोपों का साक्ष्य देने को कहा गया है. इसके साथ ही बीपीएससी ने प्रशांत किशोर को वीडियो क्लिप भी भेजा है. आयोग ने कहा-लगाये गये आरोपों का सभी को जवाब देना होगा. अगर जवाब नहीं दिया गया, तो बीपीएससी आइटी अधिनियम सहित अन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुशंसा करेगा. बहरहाल, अब देखना दिलचस्प रहेगा कि छात्रों के हित के नाम पर लड़ी जा रही लड़ाई क्या मोड़ लेती है.

