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विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में खड़े भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस केसरी में अचानक पानी भरने लगा. दोपहर के समय हुई इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या जवानों के घायल होने की खबर नहीं है. नौसेना की तकनीकी टीमों ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए पानी निकालने के लिए बड़े स्तर पर पंपिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
आईएनएस केसरी (फोटो : indiannavy/Instagram)
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोत आईएनएस केसरी के अंदर अचानक पानी भरने की घटना दर्ज की गई है. यह हादसा शनिवार दोपहर उस वक्त हुआ जब युद्धपोत डॉकयार्ड में खड़ा था. नौसेना के प्रवक्ता द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जहाज के भीतर पानी घुसने (वॉटर इनग्रेस) की पहचान होते ही सुरक्षा तंत्र को तुरंत सतर्क कर दिया गया.
गनीमत यह रही कि इस अचानक हुई घटना में किसी भी नौसैनिक के घायल होने या किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. जहाज पर मौजूद सभी कर्मी पूरी तरह सुरक्षित हैं.
घटना के संबंध में X पर नौसेना का बयान.
INS केसरी क्यों है इतना खास?
आईएनएस केसरी भारतीय नौसेना का शार्दुल क्लास का लैंडिंग शिप टैंक (लार्ज) है. इसे कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी तकनीक से बनाया है. इस युद्धपोत को 8 मई 2008 को नौसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था. यह जहाज मुख्य रूप से एम्फीबियस यानी जल और थल दोनों मोर्चों पर काम करने वाले ऑपरेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है. यह विशालकाय जहाज समंदर से सीधे दुश्मन के किनारे पर सेना को उतारने की क्षमता रखता है.
आईएनएस केसरी की सबसे बड़ी खासियत इसका बड़ा और मजबूत डेक है. यह जहाज मेन बैटल टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां, भारी तोपें और सैकड़ों सैनिकों को एक साथ ले जा सकता है. जरूरत पड़ने पर यह छिछले पानी में जाकर सीधे जमीन पर अपने दरवाजे खोल देता है. इससे टैंक और गाड़ियां सीधे तट पर उतरकर मोर्चा संभाल लेते हैं. इसके फ्लाइट डेक से चेतक या सी किंग जैसे सैन्य हेलीकॉप्टर भी आसानी से ऑपरेशन कर सकते हैं.
आईएनएस केसरी केवल युद्ध लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राहत अभियानों का भी बड़ा हीरो रहा है. साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया में संकट था, तब भारत ने ‘मिशन सागर’ शुरू किया था. इस मिशन में आईएनएस केसरी ने मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स जैसे देशों में मेडिकल टीमें और राहत सामग्री पहुंचाई थी. समंदर में लंबी दूरी तय करने और भारी सामान ले जाने की क्षमता इसे नौसेना का बेहद भरोसेमंद जहाज बनाती है.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

