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लखीमपुर जिले के प्रतापपुर से नीमगांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले लगभग 10 वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे राहगीरों, किसानों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इस सड़क की सुध नहीं ली है.
लखीमपुर खीरीः जिले में सड़कों पर निकलना दुश्वार हो गया है. सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिस कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. जिले में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
जिले के प्रतापपुर से नीमगांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले लगभग 10 वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे राहगीरों, किसानों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इस सड़क की सुध नहीं ली है.
दर्जनो गांव की है मुख्य सड़क
यह सड़क प्रतापपुर-नीमगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने का मुख्य मार्ग मानी जाती है. प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. गांव के किसान अपनी फसल लेकर मंडियों तक पहुंचते हैं, छात्र स्कूल और कॉलेज जाते हैं, जबकि मरीज अस्पताल पहुंचने के लिए इसी मार्ग का सहारा लेते हैं। लेकिन सड़क की जर्जर हालत ने लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भयावह हो जाती है. गड्ढों में पानी भर जाने से यह पता नहीं चल पाता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां. ऐसे में आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं.
गड्ढों ने रफ्तार किया धीमा
सड़क पर बने बड़े गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है. इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है. कई वाहन चालक इस मार्ग से निकलने से बचते हैं और लंबा रास्ता तय करने को मजबूर हैं. सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और केवल पत्थर व मिट्टी ही बची है. भारी वाहन गुजरते समय धूल का गुबार उड़ता है. जहां एक और प्रदेश सरकार द्वारा गड्ढा मुक्त अभियान को लेकर दावे किए जाते हैं. वहीं इन दावों की हकीकत जाने के लिए ग्राउंड पर पहुंची न्यूज़ 18 लोकल की टीम तो सरकार के दावों की पोल खुल गई.
10 वर्षों से बना है ये हाल
रसूलपुर गांव के रहने वाले सतीश ने बातचीत करते हुए बताया कि कई वर्षों से सड़क पूरी तरीके से जर्जर हो जा चुकी है. प्रतिदिन इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है कई बार साइकिल भी पंचर हो जा चुकी है परंतु सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. ऐसे में कई बार शिकायत भी की गई परंतु अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है. बरसात के समय में सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बातचीत करते हुए फुरकान बताते हैं कि कई 10 वर्षों से अधिक समय बीत गया है. प्रतिदिन हम इसी रास्ते से होकर नीम गांव जाते हैं परंतु सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिस कारण आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ऐसे में ध्यान नहीं दिया जा रहा है यह कोई पहले सड़क नहीं है कई ऐसे सड़क हैं जिन पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं.
बातचीत करते हुए रामसागर बताते हैं कि करीब 10 वर्ष से अधिक समय बीत गया है, यह सड़क पूरी तरीके से जर्जर हो जा चुकी है सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है कई बार विधायक से भी कहा गया परंतु क्षेत्र विधायक ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

