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पूर्व रेलवे के आरपीएफ जवानों ने मिशन सेवा के तहत सियालदह, आसनसोल, हावड़ा, आंध्रल, बरसात और हालीशहर-नैहाटी में चार यात्रियों की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की.
सुरक्षा के साथ मेडिकल हेल्प भी कर रहे हैं जवान.कोलकाता. पूर्व रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अपनी मुहिम ‘मिशन सेवा’ के तहत सिर्फ रेलवे की संपत्ति और सुरक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं निभा रही, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश कर रही है. बीमार पड़े यात्रियों की मदद, घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाना, लावारिस बच्चों को संभालना जैसे काम अब आरपीएफ की रोजमर्रा की ड्यूटी का हिस्सा बन गए हैं.
पूर्व रेलवे के अनुसार ताजा मामला सात दिसम्बर का है. सियालदह और आसनसोल मंडल के आरपीएफ जवानों ने एक ही दिन में चार बीमार और घायल लोगों की जान बचाई. सबसे पहले हावड़ा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री अचानक बीमार पड़ गया. प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ कर्मियों ने उसे तुरंत सहारा दिया और नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया.
उसी दिन आंध्रल स्टेशन के पास एक ट्रेन में भी एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई. ट्रेन में गश्त लगा रहे आरपीएफ के जवान ने उसे तुरंत उतारा और इलाज के लिए अस्पताल भेजा. तीसरा मामला बरसात स्टेशन का है. वहां एक व्यक्ति चोट लगने से लहूलुहान हालत में मिला. आरपीएफ ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया.
चौथा हादसा हालीशहर-नैहाटी सेक्शन के बीच हुआ, जहाँ एक शख्स पटरी किनारे घायल पड़ा था. ट्रेनों की निगरानी कर रहे आरपीएफ टीम ने उसे देखते ही रेस्क्यू किया और इलाज कराया.पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ‘मिशन सेवा’ के तहत आरपीएफ के जवान दिन-रात स्टेशन और ट्रेनों में नजर रखते हैं. जैसे ही कोई यात्री मुसीबत में दिखता है, चाहे वह बीमार हो, घायल हो या कोई बच्चा अकेला भटक रहा है, तो तुरंत मदद पहुंचाई जाती है.
यात्रियों ने भी आरपीएफ की इस तत्परता की खूब सराहना की है. एक यात्री ने कहा, ‘रेलवे में सिर्फ टिकट चेक करने वाले नहीं, हमारे भाई-बहन भी हैं जो सच्ची सेवा करते हैं.’पूर्व रेलवे का कहना है कि मिशन सेवा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि हर आरपीएफ जवान के दिल में बसी भावना है, जो हर दिन सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी को सुरक्षित और आसान बना रही है.

