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पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने इसे देशवासियों को ‘धीमा जहर’ देने जैसा बताया है. केजरीवाल के मुताबिक पिछले 15 दिनों में तेल के दाम 5 रुपए तक बढ़ चुके हैं. देश में तेल की भारी किल्लत है. रूस और ईरान से सस्ता तेल न लेने पर भी सवाल उठाए गए हैं.
गैस सिलेंडर के लिए लोग रात भर सड़क पर क्यों सो रहे हैं? केजरीवाल ने पूछा सवाल. (File Photo : PTI)
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा है. पिछले 10 से 15 दिनों में तीसरी बार तेल के दाम बढ़ने से जनता परेशान है. केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कीमतें बढ़ाकर देशवासियों को धीमा जहर दे रही है. इस बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल करीब 4 से 5 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है. देश भर में तेल और गैस के बढ़ते दामों के साथ-साथ किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है. केजरीवाल का आरोप है कि इस गंभीर संकट पर सरकार जनता को कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है.
देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत क्यों मची है?
देश के कई राज्यों से पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत की खबरें आ रही हैं. अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि गुजरात के पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइनें लगी हैं. डीजल न मिलने से किसानों और आम लोगों के बीच हाथापाई की नौबत आ चुकी है. महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में भी तेल के लिए हाहाकार मचा है. यूपी के गोरखपुर में स्थिति और भी खराब है. वहां लोग सिलेंडर भरवाने के लिए रात को सड़क पर मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं. लोग जानना चाहते हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति कितनी खराब होगी, लेकिन सरकार मौन है.
क्या पेट्रोल का दाम सच में 150 रुपए तक चला जाएगा?
लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से आम जनता में भारी डर और सदमे का माहौल है. बाजारों और सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें तेजी से चल रही हैं. लोग चर्चा कर रहे हैं कि पेट्रोल के दाम आने वाले समय में 150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकते हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की चुप्पी से यह डर और ज्यादा बढ़ रहा है. लोगों के लिए अब अपने घर का बजट संभालना बेहद मुश्किल हो चुका है. सरकार को सामने आकर स्थिति साफ करनी चाहिए कि आने वाले दिनों में तेल कितना महंगा होगा.
पूरे देश में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। रूस और ईरान हमें सस्ते दामों पर तेल देने को तैयार हैं। क्या हमें रूस और ईरान से सस्ता गैस और तेल खरीदना चाहिए? आपकी क्या राय है। pic.twitter.com/zf0Q93XyMt

