लोकसभा में हुए भारी हंगामे और प्रधानमंत्री की कुर्सी के घेराव के बाद, अब सियासी महायुद्ध का अखाड़ा राज्यसभा बनने जा रहा है. कांग्रेस और इंडिया अलायंस ने अपनी रणनीति पूरी तरह से तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष ने फैसला कर लिया है कि वह पीएम मोदी को राज्यसभा में भी बोलने नहीं देगा. कांग्रेस ने लोकसभा की तर्ज पर ही राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री के भाषण में व्यवधान डालने का पूरा ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार कर लिया है. इसका मतलब साफ है कि राज्यसभा में आज संग्राम होना तय है.
इस रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने एक अहम बैठक की है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने आंतरिक रूप से यह तय कर लिया है कि पीएम मोदी के भाषण के दौरान वॉकआउट नहीं किया जाएगा, बल्कि सदन में रहकर ही इतना हंगामा किया जाएगा. इस रणनीति को इंडिया अलायंस के बाकी साथियों तक पहुंचाने के लिए गुरुवार सुबह 10 बजे एक बड़ी बैठक बुलाई गई है. यह बैठक नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में होगी. इस बैठक में कांग्रेस अपनी मंशा सहयोगी दलों को बताएगी.
कांग्रेस ने कई दलों से साधा संपर्क
कांग्रेस के फ्लोर मैनेजर्स ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस, सपा, डीएमके और आम आदमी पार्टी समेत अन्य दलों से संपर्क साध लिया है. बताया जा रहा है कि सभी विपक्षी दलों ने राज्यसभा में कांग्रेस के आक्रामक रुख का साथ देने का आश्वासन दे दिया है. यानी, आज राज्यसभा में विपक्ष एकजुट होकर ‘अटैक मोड’ में नजर आएगा.
गुस्से की वजह निशिकांत दुबे और नेहरू-इंदिरा
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का वह बयान है, जो उन्होंने लोकसभा में दिया था. निशिकांत दुबे ने सदन के अंदर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिसने कांग्रेस को आग-बबूला कर दिया है. कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी लगातार गांधी-नेहरू परिवार की छवि धूमिल कर रही है, और अब ईंट का जवाब पत्थर से देने का वक्त आ गया है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, अगर वे हमारे नेताओं का सम्मान नहीं करेंगे, तो हम उनके नेता को भी सुनने के लिए बाध्य नहीं हैं.
कब बोलेंगे पीएम मोदी?
राज्यसभा के शेड्यूल के मुताबिक, पीएम मोदी का भाषण आज दिन के दूसरे हिस्से में हो सकता है. राज्यसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल चलेगा. इस दौरान सामान्य कामकाज होने की उम्मीद है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा दोबारा शुरू होगी. अभी चर्चा के लिए आवंटित कुल 16 घंटों में से लगभग 13 घंटे ही इस्तेमाल हुए हैं. यानी करीब 3 घंटे की चर्चा बाकी है. अभी भी कुल 84 तय वक्ताओं में से 22 सदस्यों का बोलना बाकी है. इन 22 सदस्यों में विपक्ष के सांसद भी शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 3 बजे के आसपास या उसके बाद राज्यसभा में अपना जवाब देने के लिए खड़े हो सकते हैं.
NDA की रणनीति: भाषण टेबल पर रखेंगे
समय की कमी और विपक्ष के हंगामे की आशंका को देखते हुए सत्ता पक्ष (NDA) ने भी अपनी रणनीति बदल दी है. पीएम मोदी को बोलने के लिए पर्याप्त समय मिले, इसके लिए एनडीए के कई सांसद अपना भाषण सदन में पढ़ने के बजाय सीधे सदन के पटल पर रख सकते हैं. इससे चर्चा का समय बचेगा और पीएम मोदी जल्दी अपनी बात शुरू कर सकेंगे. लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं करेगा. विपक्षी सांसद अपना पूरा समय लेंगे ताकि पीएम के भाषण में देरी हो और माहौल गर्म रहे.

