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Industry in UP : योगी सरकार ने प्रदेश में उद्योंगों को बढ़ावा देने के लिए सुल्तानपुर जिले का चुनाव किया है. इस जिले में 272 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जमीन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है.
सुल्तानपुर में उद्योग कलस्टर बनाने का फैसला किया गया है.
नई दिल्ली. योगी सरकार यूपी के एक सुल्तानपुर जिले में 272 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए औद्योगिक गलियारा योजना के अंतर्गत जनपद सुलतानपुर में इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) बनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस फैसले पर मुहर लगी.
राज्य सरकार ने बताया है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास विकसित किए जाने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर के लिए लगभग 272.25 करोड़ रुपये का खर्च अनुमोदित किया गया है और यह पूरा खर्च राज्य सरकार उठायेगी. अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी के चयन को वैश्विक निविदा आमंत्रित की जाएगी और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा.
क्या है सरकार का मकसद
उन्होंने बताया कि आईएमएलसी के विकास से सुलतानपुर में उद्योगों की स्थापना, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण क्लस्टर को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ विशाल श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी प्रदान कर दी है.
कितने रुपये का आएगा निवेश
अधिकारियों के मुताबिक, इन आठ औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश आने का अनुमान है. इन इकाइयों को नीति के तहत शुद्ध राज्य माल एवं सेवा कर और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा. उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की 4 मई, 2026 को हुई बैठक में इन औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर विचार कर मंत्रिमंडल से अनुमोदन की संस्तुति की गई थी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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