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IMD Weather Update : पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड का टॉर्चर शुरू हो गया है. मौसम विभाग और सैटेलाइट मैप्स के अनुसार, उत्तर भारत के बड़े हिस्से में ड्राई कोल्ड एयरमास का कब्जा हो चुका है. हिमालय की बर्फीली चोटियों से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी राज्यों में तापमान को तेजी से नीचे गिराएंगी. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कई इलाकों में पारा -1 डिग्री से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है. दिल्ली-NCR के ग्रामीण इलाकों और गुरुग्राम में 25 जनवरी की सुबह ग्राउंड फ्रॉस्ट यानी पाला जमने की पूरी संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले तीन दिनों तक मौसम में भारी उथल-पुथल बनी रहेगी. (All Photos : PTI)

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड की सबसे बड़ी वजह पहाड़ों पर हुआ भारी हिमपात है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी दर्ज की गई है. इसके साथ ही पंजाब और आसपास के राज्यों में हुई बारिश ने हवा में नमी और ठंडक को बढ़ा दिया है. जब भी पहाड़ों पर बर्फ गिरती है तो वहां से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में शीतलहर यानी कोल्डवेव लेकर आती हैं.

ईसीएमडब्ल्यूएफ (ECMWF) के ताजा मैप में भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नीले और बैंगनी रंग का बड़ा पैच दिख रहा है. यह इस बात का संकेत है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से 12 से 16 डिग्री तक कम रह सकता है. शुष्क हवाओं और हिमालयी ठंड के मिलन ने मैदानी इलाकों को फ्रिज जैसा बना दिया है.

दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए रविवार की सुबह काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है. खासकर गुरुग्राम और हरियाणा के सटे हुए जिलों में तापमान शून्य के करीब पहुंच सकता है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सुबह 6 से 8 बजे के बीच दिल्ली के पश्चिमी सबअर्ब्स और ग्रामीण इलाकों में ग्राउंड फ्रॉस्ट की स्थिति बनेगी. इसका मतलब है कि घास, गाड़ियों के शीशों और खेतों में आपको बर्फ की पतली परत जमी हुई दिख सकती है.
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दिल्ली की मुख्य ऑब्जर्वेटरी में न्यूनतम तापमान 2.5 से 4.5 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि ग्रामीण इलाके शहरी क्षेत्रों के मुकाबले 2 से 3 डिग्री ज्यादा ठंडे रहेंगे. यह स्थिति केवल सूरज उगने तक ही बनी रहेगी क्योंकि धूप निकलते ही पाला गायब हो जाएगा.

पिछले लंबे समय से उत्तर भारत का मौसम काफी शुष्क बना हुआ था. इस शुष्क मौसम के खत्म होने से किसानों ने राहत की सांस ली है. गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए यह बारिश और ठंड किसी वरदान से कम नहीं है. हिमाचल और कश्मीर के बागवान भी इस बर्फबारी का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. हालांकि इस बदले मौसम ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है. श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को भारी बर्फबारी की वजह से बंद करना पड़ा है. माता वैष्णो देवी की यात्रा को भी खराब मौसम के चलते कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था. कश्मीर की करीब 20 उड़ानें कैंसिल कर दी गई हैं क्योंकि रनवे पर बर्फ जमा होने से लैंडिंग सुरक्षित नहीं थी.

मौसम विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है. इसका असर 26, 27 और 28 जनवरी को सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. 27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में फिर से भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. इसी दिन दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है.

गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को मौसम साफ रहने की उम्मीद है लेकिन ठंड बरकरार रहेगी. 27 जनवरी से एक बार फिर ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ जाएगी. पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि बर्फबारी से रास्ते बंद हो सकते हैं.

