अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बड़ा बयान दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेंस में जब उनसे भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछा गया, तो रूबियो ने बिना लाग-लपेट कहा, जो लोग ऐसी बातें करते हैं, वो मूर्ख हैं. उन्होंने कहा, यहां भी और वहां भी, दुनिया के हर देश में ऐसे लोग मौजूद होते हैं जो बेवकूफी भरी बातें करते हैं, लेकिन इससे पूरे देश की सोच तय नहीं होती. रूबियो का ये बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में भारतीयों और दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ ऑनलाइन हेट कमेंट्स और नस्लीय हमलों को लेकर बहस तेज है.
मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका को कुछ लोगों की टिप्पणियों से नहीं आंका जाना चाहिए. उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता इसका और क्या जवाब दूं, लेकिन मैं इसे गंभीरता से लेता हूं. हर देश में कुछ मूर्ख लोग होते हैं. भारत में भी होंगे और अमेरिका में भी हैं, जो हर समय बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं. रूबियो ने साफ किया कि ऐसे लोगों की राय अमेरिका की असली पहचान नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका हमेशा से प्रवासियों का देश रहा है और वहां आने वाले लोगों ने ही देश को मजबूत बनाया है. उनके मुताबिक भारतीय समुदाय ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, टेक्नोलॉजी और बिजनेस सेक्टर में जबरदस्त योगदान दिया है.
भारतीयों की तारीफ
रूबियो ने भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका की तरक्की में भारतीय मूल के लोगों की भूमिका बेहद अहम रही है. उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय सिर्फ नौकरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वो अमेरिका में बड़े बिजनेस चला रहा है, निवेश कर रहा है और नई टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा, “हमारा देश उन लोगों से समृद्ध हुआ है जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से अमेरिका आए, अमेरिकी बने और यहां की जिंदगी का हिस्सा बने.” रूबियो ने भारतीय समुदाय के आर्थिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय मूल के लोग अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर का योगदान दे रहे हैं और अमेरिका चाहता है कि ये साझेदारी आगे और मजबूत हो.
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. जयशंकर और मार्को रूबियो के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई जिसमें रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई. दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रूबियो के उसी बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने नस्लीय टिप्पणियां करने वालों को मूर्ख लोग बताया. सोशल मीडिया पर भी उनका ये बयान तेजी से वायरल हो रहा है.
कई बार निशाने पर रहे भारतीय
दरअसल, पिछले कुछ समय में अमेरिका में भारतीयों और एशियाई समुदाय के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों के कई मामले सामने आए हैं. खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय छात्रों, आईटी प्रोफेशनल्स और प्रवासियों को निशाना बनाकर कई आपत्तिजनक पोस्ट किए गए. अमेरिकी राजनीति में इमिग्रेशन को लेकर चल रही बहस के बीच भी कई बार भारतीय समुदाय को लेकर तीखी टिप्पणियां सुनने को मिलीं. ऐसे माहौल में अमेरिकी विदेश मंत्री का खुलकर भारतीय समुदाय के समर्थन में उतरना काफी अहम माना जा रहा है. इससे ये संदेश देने की कोशिश की गई है कि अमेरिकी सरकार भारतीय समुदाय को अपने देश की ताकत मानती है, बोझ नहीं.
बयान के मायने समझिए
राजनयिक जानकारों के मुताबिक रूबियो का बयान सिर्फ एक जवाब नहीं, बल्कि भारत को दिया गया राजनीतिक संदेश भी है. अमेरिका इस वक्त भारत के साथ अपने रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहता है. चीन, इंडो-पैसिफिक और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर दोनों देश एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं. ऐसे में भारतीय समुदाय के खिलाफ किसी भी तरह की नफरत या नस्लीय राजनीति दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकती है. यही वजह है कि रूबियो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका एक स्वागत करने वाला देश है और भारतीय वहां सम्मान के साथ रहते हैं. उनके बयान को भारत-अमेरिका रिश्तों में भरोसा बढ़ाने वाले संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

