Last Updated:
Sonali Khatun News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोनाली खातून और उनका बेटा छह महीने बाद बांग्लादेश से मालदा सीमा के रास्ते भारत लौटे. बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सोनाली को वापस लाने का निर्देश दिया था. बाकी लोगों की वापसी पर कानूनी प्रक्रिया जारी है.
मालदा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोनाली खातून बेटे के साथ भारत लौटी.मालदा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गर्भवती सोनाली खातून की भारत वापसी हो गई है. सोनाली खातून छह महीने बाद अपने आठ साल के बेटे के साथ बांग्लादेश से लौट आईं. सोनाली खातून का परिवार मालदा सीमा के रास्ते भारत लौटा. सोनाली परिवार बांग्लादेशियों के वेश में सीमा पार कर आया था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनाली को वापस भेजने का आदेश दिया था. पिछले सोमवार को उन्हें बांग्लादेश की एक अदालत से जमानत मिल गई. बाकी लोगों के मामले अदालत में लंबित हैं.
नागरिकता विवाद और धक्का-मुक्की के आरोपों के बीच बीरभूम के पैकोर इलाके की रहने वालीं गर्भवती सोनाली खातून की घर वापसी का रास्ता आखिरकार खुल गया है. सोनाली खातून और स्वीटी बीबी समेत कुल छह लोगों को बांग्लादेश की एक अदालत द्वारा ज़मानत दिए जाने के बाद मंगलवार शाम चपई नवाबगंज सुधार गृह से रिहा कर दिया गया. सोनाली और उसका आठ साल का बेटा पहले ही वापस आ चुके हैं, जबकि बाकी लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है क्योंकि कानूनी कार्यवाही चल रही है.
इससे पहले बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश निर्वासित की गईं गर्भवती सोनाली और उसके आठ साल के बच्चे को ‘मानवीय आधार’ पर भारत में प्रवेश की बुधवार को अनुमति दे दी थी. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को नाबालिग बच्चे की देखभाल करने और बीरभूम जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गर्भवती महिला सुनाली खातून को हर संभव चिकित्सा सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया.
पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के इस बयान पर गौर किया कि सक्षम प्राधिकारी ने मानवीय आधार पर महिला और उसके बच्चे को देश में प्रवेश देने के लिए सहमति जता दी है और उन्हें निगरानी में रखा जाएगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि अंततः उन्हें दिल्ली वापस लाया जाए, जहां से उन्हें पकड़कर बांग्लादेश भेजा गया था.
वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल और संजय हेगड़े ने अदालत से आग्रह किया था कि बांग्लादेश में सुनाली के पति समेत अन्य लोग भी लोग हैं, जिन्हें भारत वापस लाने की आवश्यकता है। इसके लिए मेहता केंद्र से आगे के निर्देश ले सकते हैं. तुषार मेहता ने कहा कि वह उनके भारतीय नागरिक होने के दावे को चुनौती देंगे. उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं. मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ मानवीय आधार पर उस महिला और उसके बच्चे को भारत में आने की अनुमति दे रही है.
इस बीच सोनाली खातून के पिता ने कहा था कि उनका परिवार दिल्ली में पिछले 20 साल से रह रहा है और उनका परिवार रोहिणी सेक्टर 26 में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता है, पुलिस ने 18 जून को उन्हें बांग्लादेशी होने के शक में पकड़कर 27 जून को सीमा पार कराकर बांग्लादेश भेज दिया था.
About the Author
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें

