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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या मामले में 22 साल जेल काट चुके दोषी की अपील पर सुनवाई कर सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने उसकी तुरंत रिहाई का आदेश दिया.
सीजेआई बी आर गवई की बेंच ने फैसला सुनाया. (फाइल फोटो)नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे उस दोषी को तुरंत रिहा करने का निर्देश मंगलवार को दिया जो हत्या के एक मामले में लगभग 22 वर्षों से जेल में है. प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दोषी द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया, जिसने बंबई हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी थी.
पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता दो दशकों की कैद के बाद समय से पहले रिहाई की अनुरोध कर रहा था. पीठ ने उल्लेख किया कि अपीलकर्ता ने अपनी आजीवन कारावास की सजा माफ करने के लिए राज्य से संपर्क किया था, जिस पर सरकार ने उस अदालत से एक रिपोर्ट हासिल की जिसने उसे शुरू में दोषी ठहराया था.
इसने उल्लेख किया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की राय के आधार पर, सरकार ने 24 साल बाद उसकी रिहाई का निर्देश दिया. अपीलकर्ता ने अदालत से कहा कि उसे 22 साल बाद रिहा कर दिया जाना चाहिए था. पीठ ने सजा माफी पर विचार करने के लिए सरकार द्वारा तैयार किए गए 2010 के दिशानिर्देशों का अवलोकन किया.
अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि उसका मामला धारा 3(बी) के अंतर्गत आएगा, जो पारिवारिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से या किसी गिरोह द्वारा पूर्वनियोजित तरीके से की गई हत्या का उल्लेख करता है. पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता ने एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर एक व्यक्ति और उसके एक दोस्त पर हमला किया था. जिसमें व्यक्ति की मौत हो गई थी.
पीठ ने कहा, “यह हमला पूर्वनियोजित था. अभियोजन पक्ष द्वारा बताए गए उद्देश्य के अनुसार व्यक्ति अपीलकर्ता की बहन से प्रेम करता था, जिसका जीवन इस प्रेम प्रसंग के कारण बर्बाद हो रहा था.” पीठ ने कहा, “इसलिए, जाहिर है कि यह अपराध पारिवारिक प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए किया गया है, जिसका अर्थ मौजूदा परिस्थितियों में परिवार के नाम को कलंकित करना हो सकता है. हालांकि यह क्षमा योग्य नहीं है फिर भी लगभग 22 साल की कैद के बाद अपीलकर्ता के पास छूट का एक वैध मामला है.” पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता को 22 साल की सजा काटने में केवल तीन महीने बचे हैं इसलिए उसे रिहा करने के आदेश दिया जाता है.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

