पटना. बिहार में अंतरराष्ट्रीय हवाई सुविधा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है और इसके तहत राज्य सरकार ने पटना के नजदीक सोनपुर इलाके में एक नए ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है. इसे अगले कुछ वर्षों में विकसित कर चार साल में पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. बताया जा रहा है कि इसके तैयार होने के बाद बिहार से सीधे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के लिए उड़ानें संभव हो सकेंगी. मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने इसे पूर्वी भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनाने का लक्ष्य रखा है और 2030 तक इसका निर्माण पूरा करने का टारगेट है. खास बात यह है कि सोनपुर में बनने वाला एयरपोर्ट इस क्षेत्र का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा. ऐसा एयरपोर्ट जिसे शून्य से डिजाइन और बनाया जाता है और वह पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा.
बिहार का विमान यातायात का नया युग
4200 एकड़ में बनेगा नया एयरपोर्ट
बता दें कि बिहार सरकार ने करीब 4200 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को स्वीकृति दी है. इस पर लगभग 1300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्तावित स्थल गंगा के उत्तरी किनारे पर है और पटना शहर से इसकी दूरी करीब 15 किलोमीटर होगी. योजना है कि इसे आधुनिक तकनीक, बड़े रनवे और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ विकसित किया जाए.
एयरपोर्ट के लिए पहले हो चुका सर्वे
बता दें कि सोनपुर एयरपोर्ट को मंजूरी मिलना कोई अचानक निर्णय नहीं है. 2020 में केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी थी. पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने यहां प्री-फिजिबिलिटी असेसमेंट किया था और फिर ऑब्सटेकल लिमिटेशन सर्वे भी पूरा हुआ. यह सर्वे पूरा करने में आमतौर पर सात से आठ साल लग सकते हैं, लेकिन दोनों चरण अपेक्षाकृत जल्दी पूरे किए गए.
बड़े विमानों के संचालन की तैयारी
पूर्वी भारत के लिए हब
इस एयरपोर्ट को केवल बिहार तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि इसे पूर्वी भारत के बड़े एविएशन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है. इससे आसपास के राज्यों और पड़ोसी देशों के यात्रियों को भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ मिल सकेगा. इस परियोजना को लेकर केंद्र स्तर पर पूर्व में मंजूरी मिल चुकी है. संबंधित एजेंसियों ने प्रारंभिक सर्वे और तकनीकी आकलन की प्रक्रिया पूरी कर ली है. अब जमीन अधिग्रहण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
ग्रीनफील्ड मॉडल पर होगा निर्माण
यह एयरपोर्ट पूरी तरह ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित होगा, यानी शून्य से नए सिरे से निर्माण. इसमें आधुनिक टर्मिनल, लंबा रनवे, कार्गो सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ढांचा तैयार किया जाएगा. एयरपोर्ट बनने से पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं. रोजगार सृजन के साथ साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.

