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गर्मियों में आम खाने का मजा हर किसी को पसंद होता है, लेकिन केमिकल से पकाए गए आम सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में गांवों में आज भी कच्चे आमों को गेहूं या धान के सूखे भूसे में रखकर प्राकृतिक तरीके से पकाया जाता है. इस देसी तरीके से आम स्वादिष्ट, मीठे और सुरक्षित तरीके से पकते हैं.
गर्मियों का मौसम आते ही आम की बहार आ जाती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है और हर किसी को आम का इंतजार रहता है. शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे आम पसंद न हो. दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सफेदा और मालदा जैसे कई किस्मों के आम लोगों की पहली पसंद होते हैं, लेकिन आजकल जल्दी मुनाफा कमाने और बाजार में जल्दी आम पहुंचाने के लिए कई व्यापारी आम को केमिकल से पकाने लगे हैं.
केमिकल से पके आम स्वाद में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि लोग प्राकृतिक तरीके से पके आम और केमिकल से पकाए गए आम के बीच अंतर समझें और सेहत को सुरक्षित रखें . आम को प्राकृतिक रूप से पकाने में समय लगता है, तो वहीं केमिकल से आम दो दिन में पक कर तैयार हो जाते हैं.
कच्चे आम को पकाने के लिए सबसे पहले आप आम को अखबार या पेपर बैग में लपेटकर रख दें, जिससे 3 से 5 दिन के अंदर प्राकृतिक रूप से आम पककर तैयार हो जाएगा . प्राकृतिक रूप से पका हुआ आम हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. देशी तरीके से पके आम स्वाद में अधिक मीठे, सुगंधित और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं.आम को कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से पकाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द और अन्य बीमारियां हो सकती हैं.
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सबसे पुराना और लोकप्रिय तरीका भूसे में आम पकाने का है. गांवों में किसान कच्चे आमों को गेहूं या धान के सूखे भूसे में दबाकर रखते हैं. भूसा गर्मी बनाए रखता है, जिससे आम धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से पक जाते हैं। करीब 4 से 7 दिनों में आम पूरी तरह पीले और मीठे हो जाते हैं. इस तरीके से पके आमों में प्राकृतिक खुशबू और स्वाद बना रहता है.
कई जगह कच्चे आम को पकाने के लिए एथिलीन गैस का भी प्रयोग किया जाता है. हालांकि, नियंत्रित मात्रा में एथिलीन अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है लेकिन गलत तरीके से पकाए गए आम हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकते हैं. आज हम आपको कुछ आसान तरीके से आम को आसानी से पकाने के उपाय बताने जा रहे हैं जिससे आप आसानी से घर पर ही कच्चे आम को पका सकते हैं.
अगर प्राकृतिक रूप से पके आम खाने के फायदे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं प्राकृतिक तरीके से पके आम में विटामिन ए , विटामिन सी ,फाइबर और एंटी आक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है. आम में मौजूद एंजाइम भोजन पचाने में मदद करते हैं और पेट को स्वस्थ रखते हैं.जिससे आम जल्दी और सुरक्षित तरीके से पकते हैं। यह तरीका खासकर घरों में काफी लोकप्रिय है।
चावल के डिब्बे में आम पकाना भी एक देशी उपाय माना जाता है. कई लोग कच्चे आमों को चावल के बीच दबाकर रख देते हैं. चावल गर्मी और गैस को बनाए रखते हैं, जिससे आम जल्दी और सुरक्षित तरीके से पकते हैं। यह तरीका खासकर घरों में काफी लोकप्रिय है जिससे आम धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से पक जाते हैं. करीब 4 से 7 दिनों में आम पूरी तरह पीले और मीठे हो जाते हैं.
देशी तरीके से पके आम स्वाद में अधिक मीठे, सुगंधित और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं, गांवों की पारंपरिक तकनीक आज भी लोगों को शुद्ध और प्राकृतिक स्वाद का आनंद दे रही है. अगर आप भी इस गर्मी में स्वादिष्ट आम खाना चाहते हैं, तो इन्हें देशी तरीके से पकाकर जरूर देखें.

