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बार-बार होने वाली एसिडिटी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. अमृता हॉस्पिटल के डॉ. संजय रैना के अनुसार, लगातार सीने में जलन, खट्टी डकार या पेट की जलन सिर्फ खानपान की गड़बड़ी नहीं, बल्कि हार्ट डिजीज, जीईआरडी, अल्सर या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है. समय रहते जांच कराना जरूरी है.
फरीदाबाद: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच एसिडिटी लोगों की सबसे आम समस्याओं में शामिल हो गई है. कई लोग सीने में जलन, खट्टी डकार या पेट में जलन होने पर इसे सामान्य मानकर मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेते हैं और बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक उसका सेवन करते रहते हैं. लेकिन क्या बार-बार होने वाली एसिडिटी सिर्फ खानपान की गड़बड़ी का नतीजा है या फिर यह किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है? यही सवाल आज हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है जो अक्सर इस समस्या से परेशान रहता है.
एसिडिटी को हमेशा सामान्य समस्या मानना सही नहीं
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. संजय रैना बताते हैं एसिडिटी को हमेशा सामान्य समस्या मानना सही नहीं है. अक्सर लोग सोचते हैं कि देर से खाना खाने, ज्यादा मसालेदार भोजन करने या खानपान में गड़बड़ी की वजह से एसिडिटी हो रही है, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसके पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं. ऐसे मामलों में शरीर कुछ संकेत देता है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.
हार्ट से भी जुड़े हो सकते हैं शुरुआती लक्षण
डॉ. संजय रैना बताते हैं कई बार हार्ट से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती लक्षण भी एसिडिटी जैसे महसूस होते हैं. हृदय तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने की स्थिति में सीने में होने वाली परेशानी को लोग अक्सर गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं. इसके अलावा गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) की समस्या में पेट का एसिड बार-बार खाने की नली में पहुंचकर उसकी अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है जिससे लगातार जलन और दर्द की शिकायत बनी रहती है.
अल्सर भी एसिडिटी की तरह लक्षण पैदा कर सकता है
डॉ. संजय रैना बताते हैं कुछ मामलों में खाने की नली या पेट में अल्सर भी एसिडिटी की तरह लक्षण पैदा कर सकता है. यह स्थिति गंभीर हो सकती है क्योंकि अल्सर से ब्लीडिंग होने का खतरा रहता है. कई बार अल्सर फट भी सकता है जो जानलेवा साबित हो सकता है. इतना ही नहीं…खाने की नली या पेट के कैंसर के शुरुआती संकेत भी लंबे समय तक रहने वाली एसिडिटी के रूप में सामने आ सकते हैं.
नजरअंदाज न करें लक्षण
डॉ. संजय रैना बताते हैं यदि एसिडिटी के साथ वजन तेजी से कम होने लगे, मल का रंग काला दिखाई दे… पीलिया की शिकायत हो, बार-बार उल्टी आए या शरीर लगातार कमजोर महसूस हो… तो इसे चेतावनी का संकेत मानना चाहिए. ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. समय पर जांच होने से गंभीर बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है और उसका बेहतर इलाज संभव हो जाता है.
एसिडिटी से बचाव
डॉ. संजय रैना बताते हैं एसिडिटी से बचाव के लिए खानपान और जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी है. ज्यादा चाय और कॉफी का सेवन, अत्यधिक मसालेदार और तला हुआ भोजन, धूम्रपान तथा शराब का सेवन इस समस्या को बढ़ा सकते हैं. संतुलित आहार, समय पर भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर एसिडिटी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए अगली बार यदि एसिडिटी बार-बार हो रही हो… तो केवल दवा लेने के बजाय उसकी असली वजह जानने की कोशिश जरूर करें.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

