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Luthra Brothers Thailand Tickets: गोवा पुलिस की जांच के अनुसार, लूथरा बंधुओं ने सात दिसंबर को देर रात 1:17 बजे एक ट्रैवल पोर्टल के माध्यम से थाईलैंड के फुकेट के लिए अपने टिकट बुक किए थे. इस समय पुलिस और प्रशासन उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में लगी आग से जूझ रहे थे और वहां के कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे.
गोवा में आग लगने की घटना के कुछ घंटे बाद ही लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड भाग गए थे.पणजी/नई दिल्ली. गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक तरफ जहां क्लब में आग लगने से 25 लोग अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ क्लब के मालिक देश छोड़कर भागने की तैयारी कर रहे थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा ने आग लगने की खबर मिलते ही महज एक घंटे के भीतर थाईलैंड के टिकट बुक कर लिए थे. इस संवेदनहीनता ने पुलिस और प्रशासन को भी हैरान कर दिया है. जहां उन्हें अपने स्टाफ और मेहमानों की मदद करनी चाहिए थी, वहां वे अपनी जान बचाकर भागने की फिराक में थे.
रात 1:17 बजे ही बुक कर लिया था टिकट
गोवा पुलिस की जांच के मुताबिक, यह घटना 6 और 7 दिसंबर की दरमियानी रात की है. जैसे ही क्लब में आग भड़की, लूथरा बंधुओं ने समय बर्बाद नहीं किया. उन्होंने 7 दिसंबर को देर रात 1:17 बजे एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल के जरिए थाईलैंड के फुकेट के लिए टिकट बुक किए. यह वह समय था जब दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए जद्दोजहद कर रहा था.
इंडिगो की फ्लाइट से हुए फरार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों भाई रविवार तड़के इंडिगो की फ्लाइट से फुकेट के लिए रवाना हो गए. उन्होंने बहुत चालाकी से योजना बनाई ताकि पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही वे देश की सीमा से बाहर निकल जाएं. पुलिस जब तक मामले की गंभीरता को समझती और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करती, तब तक वे फरार हो चुके थे. अब उनके खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है.
दिल्ली कोर्ट से नहीं मिली राहत
इधर, बुधवार को लूथरा बंधुओं को कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. लेकिन अदालत ने उन्हें कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है. इसका मतलब है कि गिरफ्तारी की तलवार उन पर लटकी हुई है.
मानवता को शर्मसार करने वाली हरकत
इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. 25 लोगों की मौत की जिम्मेदार इस घटना के बाद मालिकों का यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है. पुलिस का कहना है कि अगर वे समय रहते प्रशासन को सही जानकारी देते या सहयोग करते तो शायद कुछ जानें बच सकती थीं. लेकिन उन्होंने सिर्फ अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दी. गोवा सरकार ने विदेश मंत्रालय से उनके प्रत्यर्पण के लिए मदद मांगी है ताकि उन्हें भारत लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

