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Himachal Illegal Mining: उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस ने कहा कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अवैध खनन गतिविधियों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभाग ने शिमला में ऑनलाइन निगरानी प्रकोष्ठ की स्थापना की है। शिकायतों के लिए फोन तथा…और पढ़ें
हिमाचल प्रदेश में ऊना खनन माफिया का बोलबाला है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन को रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए खनन विभाग ने कई अहम फैसले लिए हैं. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिला ऊना में लगातार मिल रही अवैध खनन की शिकायतों के चलते नई लीज और नए क्रशर पर एक साल का बैन लगा दिया गया है. डिप्टी सीएम ने भी इस मुद्दे को उठाया था. ऊना पुलिस पर आरोप लगे हैं कि कुछ अधिकारी और पुलिसकर्मी खनन माफिया को रेड की सूचना पहले ही लीक कर देते हैं. इस पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं. इसके अलावा सड़क, रेलवे, जल विद्युत परियोजनाओं समेत अन्य प्रोजेक्ट्स पर रॉयलटी भी बढ़ाई गई है. अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग अब अपनी फोर्स भी बनाएगा.
गुरुवार को राजधानी शिमला में राज्य सचिवालय में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि ऊना जिले में पुराने क्रशर चलते रहेंगे, लेकिन नई लीज और नए क्रशर पर एक साल तक रोक रहेगी. इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी की जाएगी. ऊना में माइनिंग को लेकर आगामी फैसले के लिए डीसी ऊना की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें खनन अधिकारी और स्टेट जियोलॉजिस्ट भी शामिल होंगे. कमेटी की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर ही आगामी निर्णय लिया जाएगा.
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक
पुलिस के खिलाफ कुछ जगहों से शिकायत मिली
ऊना पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर उद्योग मंत्री ने कहा कि कुछ जगहों से शिकायत मिली है कि अवैध खनन पर कार्रवाई में पुलिस सहयोग नहीं कर रही है. कुछ जगहों पर रेड या अन्य कार्रवाई से पहले ही सूचना लीक कर दी जाती है. इस संबंध में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी शिकायत की गई है और सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि रेड की सूचना लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए. बैठक में खनन विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि विभाग के राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में 210 करोड़ का राजस्व आया था और 2023-24 में यह बढ़कर 310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इस वर्ष 350 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है. उद्योग मंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में अवैध खनन के 10 हजार चालान काटे गए, जिससे सरकार को 8 करोड़ की आय हुई.
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग सक्षम नहीं है, इसलिए विभाग अपनी एक फोर्स बनाएगा जो हथियारों से लैस होगी. इस फोर्स में पुलिस, होमगार्ड और खनन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे. इस फोर्स की तैनाती बॉर्डर एरिया में की जाएगी. खनन विभाग ने विभिन्न परियोजनाओं से ली जा रही रॉयलटी को बढ़ाने का फैसला किया है. सड़क, रेलवे और जल विद्युत परियोजनाओं समेत विभिन्न परियोजनाओं की रॉयलटी को 80 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति टन किया गया है. साथ ही डीपीआर में दर्शायी गई जरूरत के हिसाब से प्रोजेक्ट को खनन सामग्री दी जाएगी. कई परियोजनाओं में भी अवैध खनन की शिकायतें मिली हैं.
आईटी सैल को और मजबूत करेगा खनन विभाग
मंत्री चौहान ने बताया कि खनन विभाग अपने आईटी सैल को और मजबूत करेगा. एम फॉर्म की भी ऑनलाइन चेकिंग की जाएगी. एक स्कैनर के जरिए एम-फॉर्म की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी और इसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी. साथ ही खनन से संबंधित विभिन्न फॉर्म अब ऑनलाइन ही बनेंगे. उद्योग मंत्री ने बताया कि अवैध खनन को रोकने के लिए 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक एक अभियान चलाया गया था, जिसमें अवैध खनन की शिकायत करने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर और लैंडलाइन नंबर भी जारी किया गया था. 16 दिन के इस अभियान में प्रदेशभर से 260 शिकायतें आईं, जिन पर 12.50 लाख का जुर्माना वसूला गया. उन्होंने कहा कि बैठक में विभाग की कार्यप्रणाली समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और कई और फैसले भी लिए गए.
Shimla,Shimla,Himachal Pradesh
January 17, 2025, 08:16 IST

