कूटनीति की मेज पर जब रिश्तों की चाय खनकती है, तब उपहार भी अपने साथ भावनाओं की खुशबू लेकर चलते हैं. राष्ट्रपति पुतिन को विदाई आज रात को ही होनी है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे छह खास तोहफे रूस के राष्ट्रपति को भेंट किए जो भारतीय मिट्टी, कला और परंपरा की अनूठी छाप लिए हुए हैं. हर उपहार केवल वस्तु नहीं बल्कि भारत–रूस दोस्ती की गर्माहट समेटे एक भावनात्मक संदेश था. रूसी भाषा में भगवत गीता पुतिन को गिफ्टी दिए जाने की बात तो सब जानते हैं. इसके अलावा भारत की संस्कृति को समेटे पांच अन्य नायाब गिफ्ट भी पीएम नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को दिए. चलिए एक-एक कार हम आपको इनके बारे में बताते हैं.
1. असम काली चाय: असम की उपजाऊ ब्रह्मपुत्र घाटी की धरती से आया यह दमदार माल्टी स्वाद वाला ब्लैक टी, 2007 के GI टैग का गौरव लिए हुए है. पारंपरिक असमिका पत्तियों से तैयार हुई यह चाय अपनी सुगंध, चमकीले रंग और संभावित स्वास्थ्य लाभों के कारण संस्कृति और सेहत, दोनों का प्रतीक मानी जाती है.
2. सजावटी चांदी का चाय सेट (मुर्शिदाबाद): पश्चिम बंगाल की कारीगरी से सजा यह खूबसूरत चांदी का टी-सेट भारतीय शिल्पकला की नफ़ासत और चाय संस्कृति की साझी परंपरा को दर्शाता है. भारत और रूस दोनों में चाय आत्मीयता, मेल–जोल और रिश्तों की गर्माहट का प्रतीक है, और यह उपहार उसी स्थायी दोस्ती का भावपूर्ण संकेत है.
3. हाथ से बना चांदी का घोड़ा (महाराष्ट्र): बारीक नक्काशी वाला यह चांदी का घोड़ा महाराष्ट्र की धातु कला की उत्कृष्टता दर्शाता है. शौर्य और गरिमा के प्रतीक इस घोड़े का आगे बढ़ता हुआ आक्रितिक रूप भारत और रूस की निरंतर प्रगति करती साझेदारी का सुंदर रूपक प्रस्तुत करता है.
4. संगमरमर शतरंज सेट (आगरा): आगरा की शिल्प परंपरा और ODOP विरासत को समेटे यह मार्बल चेस सेट बारीकी से जड़े गए पत्थरों, फूलदार बॉर्डर और विपरीत रंगों के मोहरों के साथ कला और उपयोगिता—दोनों का अद्भुत मिश्रण है. यह केवल खेल नहीं, बल्कि उत्तर भारतीय इनले वर्क का संग्रहणीय नमूना भी है.
5. कश्मीरी केसर (कोंग / ज़ाफ़रान): कश्मीर के ऊँचे पठारों में उगने वाला GI–टैग प्राप्त ज़ाफ़रान अपनी रंगत, सुगंध और स्वाद के लिए दुनिया में मशहूर है. “रेड गोल्ड” कहलाने वाला यह केसर परंपरा, हस्त–तोड़ाई और किसानों की मेहनत का अमूल्य प्रतीक है, जो सेहत और विरासत दोनों का संगम दर्शाता है.
6. भगवद गीता: महाभारत का अमर उपदेश—श्रीमद भगवद गीता—कर्तव्य, आत्मा और मोक्ष के संदेश के साथ जीवन का मार्गदर्शन देती है. रूसी भाषा में प्रस्तुत यह ग्रंथ आधुनिक पाठकों तक आध्यात्मिक ज्ञान पहुँचाने और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने वाला अनमोल उपहार है.

