Last Updated:
यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. वह पाकिस्तानी उच्चायोग की इफ्तार पार्टी में शामिल हुई और संवेदनशील जानकारी साझा करती थी.
पाकिस्तानी दूतावास की इफ्तार पार्टी में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, दानिश से भी मिली.(Image:News18)
हाइलाइट्स
- यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा जासूसी के आरोप में गिरफ्तार.
- ज्योति पाकिस्तानी उच्चायोग की इफ्तार पार्टी में शामिल हुई.
- ज्योति ने संवेदनशील जानकारी व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर साझा की.
नई दिल्ली. मशहूर यूट्यूबर और ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में अरेस्ट किया गया है. अब उसका एक वीडियो सामने आया है. जिसमें वो पाकिस्तानी उच्चायोग में इफ्तार पार्टी में शामिल होते और उसका वीडियो बनाते देखी जा रही है. इस वीडियो में ज्योति पाकेस्तानी हाई कमीशन में 1:26 मिनट पर पर पाकिस्तान एंबेसी के अधिकारी दानिश से बात कर रही है. दरअसल पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जिन पाकिस्तानी अधिकारियों को वापस पाकिस्तान भेजा था, उनमें दानिश भी शामिल था. दानिश लगातार ज्योति मल्होत्रा के संपर्क में था.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को शनिवार को हिसार में सिविल लाइंस पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने कहा कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थी और कथित तौर पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके संवेदनशील जानकारी शेयर करती थी. ज्योति मल्होत्रा ‘देसी-इंडो-जो’ नामक एक यूट्यूब चैनल चलाती है.
ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान कई बार गई
ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान सहित कई देशों की यात्रा कर चुकी थी और कथित तौर पर उसे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की एक अनुकूल छवि पेश करने का काम सौंपा गया था. पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि वह 2023 में पाकिस्तान जाने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थी. जहां उसकी मुलाकात अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश नामक एक शख्स से हुई. भारत लौटने के बाद भी वह उसके संपर्क में रही.
ब्रह्मोस की कहानी : कलाम ने कैसे बनाई वो मिसाइल, जिससे आज चीन और पाक थर-थर कांपते हैं
फर्जी नाम से सेव किए पाक जासूसों के नाम
कथित तौर पर उसके कहने पर बाद में की गई एक और पाकिस्तान यात्रा पर वह अली अहसान नामक एक अन्य शख्स से मिली. जिसने कथित तौर पर उसे पाकिस्तान के खुफिया नेटवर्क के सदस्यों से मिलवाया. पुलिस के अनुसार, उसने उनके साथ संवेदनशील जानकारी शेयर करने और पहचान से बचने के लिए उनके संपर्कों को भ्रामक नामों से रखने की बात कबूल की. अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ उनका लगातार संपर्क सरकारी गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in … और पढ़ें

