Last Updated:
West Bengal Election: रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुवाहाटी-कोलकाता वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान किया है. इस साल मार्च-अप्रैल में असम और बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इसे एक अहम घोषणा मानी जा रही है. सवाल यह है कि क्या भाजपा इस वंदेभारत स्लीपर का चुनावी फायदा उठा पाएगी. अगर ऐसा होता है कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए चुनावी फतह हासिल करना आसान हो जाएगा.
मोदी सरकार ने कोलकाता-गुवाहाटी के बीच वंदेभारत स्लीपर ट्रेन चलाने की घोषणा की है.West Bengal Election: नए साल के पहले दिन मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है. रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जल्द ही गुवाहाटी से कोलकाता के बीच देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगी. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों राज्यों में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसे मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राजनीतिक रूप से दोनों राज्य पार्टी के लिए बेहद अहम हैं. असम में लगातार 10 सालों से भाजपा की सरकार है. वहीं, पश्चिम बंगाल में वह बीते 10 सालों में शून्य से सत्ता के दावेदार तक पहुंच चुकी है. वंदे भारत स्पीलर की टॉप स्पीड 180 किमी है.
असम के लिए क्या है रणनीति?
बंगाल की चुनौती
दूसरी पश्चिम बंगाल में भाजपा का मुख्य मुकाबला टीएमसी है. बीते चार लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखें तो ऐसा लगता है कि भाजपा एक ऊंचाई को हासिल करने के बाद ठहरती दिख रही है. वह करीब 40 फीसदी वोट बैंक के साथ राज्य में दमदार तरीके से मौजूद है. लेकिन, आमने-सामने की लड़ाई के कारण ममता दीदी की पार्टी थोड़ी बीस पड़ती रही है. उसके पास करीब 45 फीसदी वोट बैंक हैं. ऐसे में पार्टी को नए वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए कुछ नया पैकेज देना होगा. इसी कड़ी में इस नई ट्रेन से भाजपा राज्य में विकास की चर्चा छेड़ सकती है. अगर राज्य में चुनावी चर्चा के केंद्र में विकास के मुद्दे आ जाएं तो इससे सीधे तौर पर भाजपा को फायदा होगा, क्योंकि बीते 15 सालों से ममता दीदी की सरकार है.
लोगों में एक तरह की एंटी इनकंबेसी पनप चुकी है. लेकिन, भाजपा का डर दिखाकर वह अपनी राजनीति करती हैं. वह अल्पसंख्यक समाज को भाजपा का डर दिखाती हैं. राज्य में करीब 30 फीसदी अल्पसंख्यक आबादी है. ऐसे में वंदेभारत स्लीपर ट्रेन दोनों राज्यों में चुनावी नैरेटिव पर बड़ा असर डाल सकती है.
About the Author
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

