कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी सियासी हलचल और तेज़ हो गई है. डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग लेकर दिल्ली पहुंचे कुछ कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को कहा कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा.
रामनगर के विधायक इकबाल हुसैन ने दोहराया कि सब हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन उन्हें शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने को लेकर पूरा भरोसा है. हुसैन ने कहा, ‘मैं अपने बयान पर कायम हूं… 200 फीसदी, वे जल्द ही मुख्यमंत्री बनेंगे. हाईकमान ही फैसला करेगा. हमारे नेता (शिवकुमार) ने भी कहा है कि सत्ता हस्तांतरण का फैसला पांच-छह बड़े नेताओं के बीच हुआ ‘सीक्रेट डील’ है, वही लोग निर्णय लेंगे.’
वहीं मद्दूर के विधायक केएम उदय ने बताया कि विधायकों ने कैबिनेट फेरबदल के दौरान युवाओं और नए चेहरों को मौका देने की मांग भी हाईकमान के सामने रखी है और इसके लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं. मुख्यमंत्री बदले जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि फैसला नेतृत्व करेगा और सभी उसका पालन करेंगे.
कई विधायकों ने हाईकमान से अनुरोध किया है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी भ्रम को जल्द खत्म किया जाए. कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा किया है, जिसके बाद सिद्धरामैया और शिवकुमार के बीच 2023 में कथित सत्ता-साझा समझौते की चर्चा फिर ज़ोर पकड़ रही है.
मगडी के विधायक एचसी बालकृष्ण ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह हाईकमान तय करेगा, लेकिन उन्होंने अपील की कि पार्टी को नुकसान पहुंचा रही मौजूदा स्थिति पर तुरंत निर्णय होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम हाईकमान से मिले ताकि भ्रम दूर हो. कौन मुख्यमंत्री बने, यह ज़रूरी नहीं, लेकिन जारी असमंजस कांग्रेस के लिए सही नहीं है.’
उधर, विधायक दल की इन गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता वे क्यों गए. शायद मंत्री पद की मांग करने गए हों. मैंने किसी को बुलाया नहीं, न बात की. मुझे इसकी ज़रूरत भी नहीं.’

