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Vande Bharat Train Jodhpur : जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस ने तीन वर्षों में तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल यात्रा की नई मिसाल कायम की है. जुलाई 2023 में शुरू हुई इस प्रीमियम ट्रेन ने 30 जून 2026 तक 13 लाख से अधिक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया और उत्तर पश्चिम रेलवे को करीब 130 करोड़ रुपये का राजस्व दिलाया. इस दौरान ट्रेन ने कुल 4,646 फेरे पूरे किए, जो इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं. आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन ने राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान और समयबद्ध बनाया है. आरामदायक सीटें, स्वचालित दरवाजे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग, स्वच्छ वातानुकूलित कोच और बेहतर खानपान जैसी सुविधाओं ने यात्रियों का अनुभव बेहतर किया है.
जोधपुर. रेलवे की पटरियों पर दौड़ती वंदे भारत एक्सप्रेस अब केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि बदलते भारत की नई रेल यात्रा की पहचान बन चुकी है. राजस्थान और गुजरात के बीच वर्षों से व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत रहे हैं. इन संबंधों को नई रफ्तार देने का काम जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस ने किया है. इस ट्रेन ने न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच सफर को तेज और सुविधाजनक बनाया, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति दी है. यही वजह है कि जुलाई 2023 में शुरू हुई यह ट्रेन आज लाखों यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है. तीन साल के सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस ने करीब 13 लाख यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया और उत्तर पश्चिम रेलवे को लगभग 130 करोड़ रुपये का राजस्व दिलाया. आधुनिक सुविधाओं, समय की बचत और भरोसेमंद सेवा के दम पर यह ट्रेन बदलते भारत की नई रेल यात्रा की मजबूत पहचान बन गई है.
9 जुलाई को इस ट्रेन ने अपने सफल संचालन के तीन वर्ष पूरे कर लिए. इसके आंकड़े इसकी लोकप्रियता की कहानी खुद बयां करते हैं. 9 जुलाई 2023 से 30 जून 2026 तक इस ट्रेन ने 4 हजार 646 फेरे लगाए. इस दौरान 13 लाख 992 यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया और उत्तर पश्चिम रेलवे को करीब 130 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, यह केवल आय का आंकड़ा नहीं, बल्कि उन लाखों यात्रियों के भरोसे की कहानी है, जिन्होंने पारंपरिक रेल यात्रा से आगे बढ़कर आधुनिक भारत की इस नई रेल सेवा को अपनाया.
रफ्तार के साथ बढ़ा यात्रियों का भरोसा
जोधपुर से साबरमती जाने वाली ट्रेन संख्या 12461 ने तीन वर्षों में 2 हजार 326 फेरे लगाए. इसमें 6 लाख 20 हजार यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 59.47 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. वहीं, साबरमती से जोधपुर आने वाली ट्रेन संख्या 12462 ने 2 हजार 320 फेरे पूरे किए. इसमें 6 लाख 80 हजार यात्रियों ने यात्रा की और इससे 70.39 करोड़ रुपये की आय हुई. वापसी दिशा में अधिक यात्रियों की संख्या इस रेल सेवा की लगातार बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है.
यात्रा का अनुभव भी हुआ बेहतर
वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों को केवल तेज यात्रा ही नहीं दी, बल्कि सफर का अनुभव भी पूरी तरह बदल दिया. आरामदायक सीटें, शांत और स्वच्छ वातानुकूलित कोच, स्वचालित दरवाजे, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण खानपान जैसी सुविधाओं ने लंबी रेल यात्रा को सहज और आरामदायक बना दिया है. यही वजह है कि व्यावसायिक यात्रियों से लेकर विद्यार्थियों, पर्यटकों और परिवारों तक, हर वर्ग में इस ट्रेन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.
दो राज्यों के बीच विकास को मिली नई रफ्तार
राजस्थान और गुजरात लंबे समय से व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक रिश्तों से जुड़े रहे हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस ने इन संबंधों को नई गति दी है. अब दोनों राज्यों के बीच तेज और सुविधाजनक संपर्क ने व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती दी है. साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिला है और शिक्षा व चिकित्सा के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिली है.
बदलती भारतीय रेल की नई पहचान
जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस आज भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की सबसे सफल पहचान बन चुकी है. स्वदेशी तकनीक, आधुनिक डिजाइन और यात्री-केंद्रित सुविधाओं के साथ यह ट्रेन उस नई सोच का प्रतीक है, जिसमें रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर अनुभव का भी हिस्सा बन गई है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

