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Union Cabinet Decisions Today: केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 8.8 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के बड़े फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल दर्जा देने और कई महत्वपूर्ण रेलवे व रोड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव. (Photo : PTI)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में 6 बड़े फैसले लिए गए हैं. इस दौरान, पीएम मोदी ने मंत्रियों कहा कि पश्चिम एशिया और मिडिल ईस्ट संकट का आम आदमी पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए.केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्रीफिंग के दौरान बताया कि सरकार ने कुल 8.8 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा जल जीवन मिशन के विस्तार के लिए रखा गया है, जिस पर 8.7 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा, मदुरै एयरपोर्ट को अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित करने का नीतिगत फैसला लिया गया है. इससे दक्षिण भारत में कनेक्टिविटी और टूरिज्म को बड़ी मजबूती मिलेगी. रेलवे सेक्टर में सांतरागाछी-खड़गपुर और सैंथिया-पाकुर के बीच चौथी लाइन बिछाने के लिए करीब 4,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया गया है. वहीं, रोड नेटवर्क को सुधारने के लिए बदनावर-थांदला-तिमरवानी (NH 752D) की 4-लेनिंग और जेवर एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ने वाली एलीवेटेड रोड को भी मंजूरी मिली है.
दिसंबर 2028 तक हर घर को मिलेगा शुद्ध जल
- केंद्र सरकार ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘जल जीवन मिशन’ को नया रूप देते हुए इसके दूसरे चरण यानी JJM 2.0 को हरी झंडी दिखा दी है. अब यह मिशन केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका पूरा फोकस सर्विस डिलीवरी और गवर्नेंस पर होगा.
- सरकार ने इसका कुल बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी. इस नए चरण का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाना है.
- इस मिशन को और भी ज्यादा हाईटेक बनाने के लिए ‘सुजलम भारत’ नाम का एक नेशनल डिजिटल फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा. इसके तहत हर गांव को एक यूनिक ‘सुजल गांव आईडी’ दी जाएगी. इससे पानी के स्रोत से लेकर घर के नल तक की पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल मैप पर देखा जा सकेगा.
- खास बात यह है कि अब ग्राम पंचायतें ही काम पूरा होने का सर्टिफिकेट देंगी और खुद को ‘हर घर जल’ घोषित करेंगी. इसके लिए हर साल ‘जल उत्सव’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण समुदाय खुद इसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले सके.
- एसबीआई (SBI) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट बताती है कि इस मिशन से समाज में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं. आंकड़ों के अनुसार, करीब 9 करोड़ महिलाओं को अब दूर से पानी ढोने की मजबूरी से आजादी मिली है. इससे रोजाना करीब 5.5 करोड़ घंटों की बचत हो रही है.
- इतना ही नहीं, शुद्ध पानी मिलने से डायरिया जैसी बीमारियों में कमी आई है और हर साल लगभग 4 लाख लोगों की जान बचने का अनुमान है. यह मिशन न केवल स्वास्थ्य सुधार रहा है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के करोड़ों नए अवसर भी पैदा कर रहा है.
जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे का होगा मिलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाली 31.42 किमी लंबी ग्रीनफील्ड सड़क के लिए 3,630.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा 11 किमी लंबी एलीवेटेड रोड है. इससे दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लोगों को जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. हरियाणा सरकार भी इस एलीवेटेड कॉरिडोर के लिए 450 करोड़ रुपये का योगदान देगी.

