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मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मृत्युदंड की सजा सुनाई. दोनों को मेरठ कोर्ट में वर्चुअल पेश किया गया था. वहीं दोनों को फांसी की सजा मिलते ही मृतक सौरभ राजपूत के परिवार की आंखें नम हो गईं. कोर्ट में यह साबित हो गया कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी थी और फिर शव के पांच टुकड़े करके ड्रम में डाल दिए थे.
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले मर्डर केस में अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है.
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले मर्डर केस में अदालत ने साहिल और मुस्कान को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने सौरभ राजपूत हत्याकांड के दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई. कोर्ट ने इस दौरान महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी को अपराध के लिए दंड देना ही धर्म है. इस फैसले के दौरान साहिल और मुस्कान की कोर्ट में वर्चुअल पेशी हुई. हालांकि मौत की सजा सुनकर भी इन दोनों के चेहरे पर दुख या पछतावे का कोई भाव नहीं दिखा. दोनों ही इस दौरान चुपचाप बैठे रहे.
मेरठ कोर्ट के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने साहिल और मुस्कान को बुधवार 14 अक्टूबर की शाम फांसी की सजा सुनाई तो फैसला सुनते ही सौरभ राजपूत के परिवार की आंखें नम हो गईं. सौरभ की मां ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘जो इंसाफ चाहते थे वो मिल गया. हमें बहुत अच्छा लग रहा है. बहुत संतुष्टि हो रही है फांसी की सजा हुई है. छोटी बेटी से हमारा कोई मतलब नहीं है. बड़ी बेटे को बिना किसी शर्त के अपने साथ रखेंगे.’
वहीं इस मामले में सौरभ राजपूत के वकील ने कहा, ‘यह फैसला नजीर बन गया है. अदालत ने हमारी और जनता की भावनाओं को समझते हुए बहुत अच्छा निर्णय दिया गया है. जजमेंट को पढ़ने के बाद आगे कह पाएंगे. अदालत ने दोनों को जघन्य हत्या का अपराधी माना है और अधिकतम सजा मृत्यु दंड की सजा दी गई है.’
कैसे हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या?
याद दिला दें कि मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी और फिर उसके शव को पांच टुकड़े करके उन्हें नीले रंग के एक ड्रम में डाल दिया गया. इस हत्या की क्रूरता और शव को छिपाने के तरीके ने लोगों को झकझोर दिया था और यूपी सहित देशभर में इस हत्याकांड को लेकर गुस्सा देखा गया था.
पिछले साल 30 सितंबर को शुरू हुआ था ट्रायल
सौरभ राजपूत हत्याकांड जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की. इसके बाद जिला अदालत में पिछले साल 30 सितंबर को मामले की सुनवाई शुरू हुई थी. मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 22 लोगों की गवाही कराई. इनमें उन लोगों की गवाही भी शामिल थी, जिनसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और शव को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया नीला ड्रम खरीदा गया था.
इन गवाहों के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों ने साहिल और मुस्कान के जुर्म को साबित कर दिया. जिला जज अरविंद कुमार की अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था, जिसके बाद बुधवार को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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