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Home Kitchen Garden Tips: चित्रकूट के किसान कोठारी सिंह पटेल ने कम जगह में किचन गार्डन बनाकर मिसाल पेश की है. वे जैविक तरीके से सब्जियां उगाते हैं और दूसरों को भी जागरूक कर रहे हैं. इससे उन्हें अपने स्वास्थ्य में सुधार महसूस हुआ. कोठारी सिंह अपने खेत में धान, अरहर और ज्वार जैसी फसलों की जैविक खेती करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपने घर के पास किचन गार्डन तैयार किया है, इसमें वह रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां उगाते हैं.
चित्रकूटः आज के दौर में हर कोई चाहता है कि उसके घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां ताजी और शुद्ध मिले. लेकिन शहरों और छोटे घरों में जगह की कमी के कारण लोग किचन गार्डन नहीं बना पाते है. ऐसे में चित्रकूट के एक किसान ने कम जगह में ही किचन गार्डन तैयार कर लोगों के सामने मिसाल पेश की है. यहां वह मौसम के हिसाब से अलग-अलग सब्जियां उगा रहे हैं और उन्हें सीधे अपने भोजन में इस्तेमाल करते हैं.
खेत के साथ घर में तैयार किया किचन गार्डन
हम बात कर रहे हैं चित्रकूट की मानिकपुर तहसील के बरहट गांव निवासी किसान कोठारी सिंह पटेल की, जिन्होंने पारंपरिक रासायनिक खेती के बजाय जैविक खेती को अपनाया है. उन्होंने वर्ष 2023 में जैविक खेती की शुरुआत की थी. उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बाद उन्होंने अपनी खान-पान की आदतों पर ध्यान देना शुरू किया और जैविक तरीके से तैयार अनाज व सब्जियों का सेवन शुरू किया है. इससे उन्हें अपने स्वास्थ्य में सुधार महसूस हुआ. कोठारी सिंह अपने खेत में धान, अरहर और ज्वार जैसी फसलों की जैविक खेती करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपने घर के पास किचन गार्डन तैयार किया है, इसमें वह रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां उगाते हैं. पहले वह परवल, शकरकंद समेत कई सब्जियां उगा चुके हैं. फिलहाल उनके किचन गार्डन में लौकी, बैंगन, हरी मिर्च और टमाटर जैसी सब्जियां तैयार की जा रही हैं.
पक्की फर्श वाले घर में भी बना सकते हैं गार्डन
वही इस संबंध में किसान कोठारी सिंह पटेल ने लोकल18 को जानकारी में बताया कि किचन गार्डन ऐसी जगह होना चाहिए, जो रसोई के नजदीक हो, इसमें वही सब्जियां लगानी चाहिए, जिनका इस्तेमाल घर में रोज होता है.उनका कहना है कि किचन गार्डन में भले ही सब्जियों का उत्पादन कम मात्रा में हो, लेकिन परिवार की रोजमर्रा की जरूरत आसानी से पूरी हो जाती है. उनका कहना है कि अगर किसी के पास घर में जमीन या कच्ची जगह नहीं है और पक्की फर्श है, तब भी किचन गार्डन तैयार किया जा सकता है. इसके लिए गमलों या बड़े कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते है. इनमें जैविक खाद और मिट्टी भरकर बैंगन, मिर्च, टमाटर, लौकी समेत दूसरी सब्जियों के पौधे लगा सकते है.
किचन गार्डन में जैविक खाद का करें इस्तेमाल
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि किचन गार्डन में रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे घर में ही ताजी सब्जियां तैयार हो जाती हैं और बाजार से हर छोटी जरूरत के लिए सब्जियां खरीदने की जरूरत कम हो जाती है. किचन गार्डन सिर्फ सब्जियां उगाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक तरह का मनोरंजन भी है. पौधों की देखभाल करने से समय भी अच्छा गुजरता है और घर के आसपास हरियाली बनी रहती है. उनका कहना है कि सही तरीके से देखभाल करने पर कुछ सब्जियां 20 दिन बाद फल देने लगती है. वह खेती बचाओ बुंदेलखंड नाम से एक संगठन भी चलाते हैं. इसके माध्यम से वह किसानों और आम लोगों को जैविक खेती तथा किचन गार्डन के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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