दिल्ली में ट्रैफिक जाम के लिए कुख्यात मथुरा रोड के दिन अब सुधरने वाले हैं. सुरसा जैसी इस सड़क से हर रोज पीक आवर्स में करीब 5 लाख वाहन गुजरते हैं. यही वजह है कि ट्रैफिक के भीषण दबाव के चलते यहां पीक आवर्स में गाड़ियों के पहिए थम जाते हैं. यहां तक कि नॉक पीक आवर्स में भी आप इस रोड पर 30 की स्पीड से वाहन नहीं चला सकते हैं. अब इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने महाप्लान तैयार किया है.
बता दें कि आश्रम से लेकर बदरपुर बॉर्डर तक जाने वाले मथुरा रोड और दिल्ली के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक आश्रम चौक को फिर से सुधारे जाने की योजना तैयार की गई है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आश्रम से लेकर बदरपुर बॉर्डर तक मथुरा रोड के 8 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए ₹378 करोड़ की परियोजना के लिए ठेकेदारों से बोलियां मांगी हैं. अगर यह स्ट्रैच जाम फ्री हो जाता है तो इससे रोजाना गुजरने वाले करीब 20 से 30 लाख लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार एनएसएआई के एक अधिकारी ने बताया कि बोली प्रक्रिया नवंबर के अंत तक पूरी होने की संभावना है.
पीक आवर्स में गुजरते हैं 5 लाख वाहन
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस सड़क पर पीक आवर्स में रोजाना करीब 5 लाख वाहन गुजरते हैं. इनमें कारों से लेकर कई राज्यों से आने वाली बसें भी शामिल हैं. ऐसे में यहां से 30 लाख से ज्यादा लोग रोजाना गुजरते हैं.
अधिकारी ने कहा, “इस प्रोजेक्ट में मौजूदा सड़क की मरम्मत की जाएगी और उसे चार लेन का बनाया जाएगा. साथ ही नए फुटपाथ, सड़क की सतह की मरम्मत, पुलों का निर्माण और मरम्मत, चौराहों और इंटरचेंज का नया डिज़ाइन, और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाना शामिल है.”
सिग्नल फ्री रोड बनाने पर होगा काम
प्राधिकरण के महाप्लान के अनुसार ठेकेदार को 10 साल तक सड़क का रखरखाव भी करना होगा. इसमें मरम्मत, नालियों की सफाई, सड़क के निशान, लाइटिंग, साइन बोर्ड और ट्रैफिक कंट्रोल उपकरणों की देखभाल शामिल होगी.
इस साल अप्रैल में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि आश्रम से बदरपुर सहित तीन बड़े हिस्से मुख्य रूप से सिग्नल-फ्री बनाए जाएंगे.
3 फ्लाईओवर बनेंगे और फर्राटा भरेंगी गाड़ियां
सड़क परिवहन राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा सांसद हर्ष मल्होत्रा ने कहा था कि एनएचएआई इन तीन हिस्सों के विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहा है. आश्रम-बदरपुर हिस्से पर तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जिससे यह लगभग सिग्नल-फ्री हो जाएगा. काम दो साल में पूरा करने की योजना है.
10 सालों से जाम में फंसी सड़क
पिछले 10 सालों में आश्रम चौक और आसपास की सड़कें लगातार निर्माण कार्यों की वजह से जाम में फंसी रही हैं. आश्रम अंडरपास का काम 24 दिसंबर 2019 को शुरू हुआ. कई देरी के बाद अप्रैल 2022 में खोला गया. आश्रम फ्लाईओवर एक्सटेंशन जून 2020 में शुरू हुआ और 6 मार्च 2023 को जनता के लिए खोला गया.
इन दोनों प्रोजेक्ट्स ने दक्षिण और मध्य दिल्ली को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे को यात्रियों के लिए बहुत मुश्किल बना दिया था. अभी मोदी मिल-कालकाजी फ्लाईओवर का काम चल रहा है, जिससे आउटर रिंग रोड वाले चौराहे पर भी भारी जाम हो रहा है.
15 मिनट का सफर घंटों में होता है पूरा
मथुरा रोड (आश्रम से बदरपुर) पर कई समस्याएं हैं, जिनकी वजह से 15 मिनट का सफर भी बहुत लंबा और परेशान करने वाला हो जाता है. सड़क पर कई कट और खराब डिजाइन हैं.
मुख्य समस्या वाले चौराहे हैं-
- मदनपुर खादर
- अपोलो हॉस्पिटल
- माता मंदिर मार्ग
- ओखला
आश्रम अंडरपास के मुहाने पर बाईं तरफ मुड़ने वाली संकरी सड़क जाम का बड़ा कारण बनती है. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के पास मोदी मिल फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहनों की वजह से भी भीड़ लगती है.
महारानी बाग रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि इस सुधार का असर पूरे दक्षिण दिल्ली के ट्रैफिक पर देखा जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि महारानी बाग की अंदरूनी सड़कें पहले से ही शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे निवासियों को परेशानी हो रही है. सीवी रमन मार्ग पर भी ट्रैफिक बढ़ रहा है.
बता दें कि अपोलो हॉस्पिटल से मोहन एस्टेट मेट्रो स्टेशन तक शाम को बहुत भारी जाम लगता है. एक CNG पंप पर वाहन रुकने से भी जाम बढ़ जाता है, और ई-रिक्शा वाले गलत साइड पर चलते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आती.ऐसे में इस सुधार से काफी राहत हो सकती है.

