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Gardening Tips: आजकल ज्यादातर लोग बागवानी का शौक रखते हैं और अपने घर में छोटे-छोटे गार्डन या गमलों के जरिए हरियाली बनाए रखते हैं. लेकिन बढ़ते तापमान के चलते गार्डन के फूलदार पौधे सूखने लगे हैं. हालांकि, एक्सपर्ट की कुछ टिप्स अपनाकर आप अपने घर-आंगन और गार्डन को हरा-भरा और खुशबूदार बना सकते हैं.
गर्मी का कहर जारी है. इस बढ़ते तापमान और उगलते सूरज की मार इंसानों के साथ अब गार्डन के पौधों पर भी पड़ रही है. अगर आप अपने फूलदार पौधों को चिलचिलाती धूप और गर्मी से बचाना चाहते हैं तो हम आपको एक्सपर्ट की टिप्स बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप भी अपने पौधों को फिर से हरा-भरा कर सकते हैं.
एक्सपर्ट के मुताबिक भीषण गर्मियों में पौधों को स्वस्थ रखने के लिए सही समय पर सिंचाई, मिट्टी में पोषण और पौधों की नियमित देखभाल बेहद जरूरी होती है. शाम के समय पानी देना, समय-समय पर गोबर की खाद डालना और जरूरत पड़ने पर पनीर के पानी व दूध के घोल का छिड़काव करने से पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है और उनमें फल-फूल भी अच्छी तरह आने लगते हैं.
एक्सपर्ट बताते हैं कि पानी देने का हमेशा समय शाम के समय का होता है. लेकिन अक्सर लोग गलतियां कर देते हैं और पानी सुबह या दोपहर में दे देते हैं. जबकि गार्डन को पानी देने का सही समय सूरज ढलने के बाद का होता है. सूर्यास्त के बाद जब पेड़ों की हिटिंग निकल जाए उसके बाद ही पानी देना चाहिए. कई बार हीटिंग मौजूद होने पर ही पानी देने पर पेड़ जल जाते हैं और उनमें सही से फल फूल नहीं आते हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखकर आप अपने गार्डन को स्वस्थ रख सकते हैं.
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बहुत सारे लोग पानी तो समय-समय पर देते हैं लेकिन बावजूद इसके भी उनके पौधे सही से ग्रोथ नहीं करते हैं. जिसके कारण एक वक्त के बाद उनमें वृद्धि होना भी रुक जाती है ऐसे लोगों को यह जानना बेहद जरूरी है कि लंबे समय से मिट्टी में न्यूट्रिशन ना मिलने पर उसकी उर्वरक क्षमता कम हो जाती है.
नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉक्टर कमलेश अहिरवार के मुताबिक गार्डन की देखरेख में सबसे अहम रोल सिंचाई का होता है, अगर आप डायरेक्ट मिट्टी में क्यारी बनाकर गार्डनिंग करते हैं तो सिंचाई की थोड़ी अधिक आवश्यकता पड़ती है और अगर गमले में गार्डनिंग करते हैं तो सिंचाई की थोड़ी उससे कम आवश्यकता पड़ती है. इसके अलावा मिट्टी में नमी को उंगली से माप कर हाथों से देखकर गमले में सिंचाई करनी होती है.
ऐसे में समय-समय पर गमले में या क्यारी में गोबर की खाद न्यूट्रिशन समय-समय पर देते रहना चाहिए. यह भी हमारे गार्डनिंग में बहुत अहम रोल प्ले करता है इससे हमारे पौधे स्वस्थ रहते हैं. अगर आप पौधों की देखरेख अच्छे से कर रहे हैं सिंचाई भी समय पर हो रही है और गोबर की खाद वगैरा भी आप डाल रहे हैं.
लेकिन फिर भी पौधों में वृद्धि नही हो रही ना फल फूल आ रहे, तो इसमें एक उपाय आप अपना सकते हैं. इसमें आप पनीर का पानी और कच्चे दूध में पानी मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं, इससे पौधे में ग्रोथ फिर से होने लगती है और फल फूल भी आना शुरू हो जाते है. इस विधि को अपना कर अपने पौधों में फल फूल की समस्या आप दूर कर सकते हैं.
हालांकि, आजकल कृषि क्षेत्र में तमाम ऐसे एप्लीकेशन आने लगी हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने पौधों की जानकारी खाद पानी सारी जानकारी आप ले सकते हैं. इसके अलावा अगर आप किसी पौधे की नर्सरी करते हैं या गार्डनिंग करते हैं तो इसके लिए उद्यान विभाग या फिर जिले में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्र बना हुआ है, जहां पर आप जाकर संपूर्ण जानकारी ले सकते हैं.

