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मशरूम एक फफूंदी है जिसमें तापमान और नमी दोनों बरकरार रहना बेहद जरूरी होता है. गर्मी के मौसम में बटन मशरूम, ओयस्टर मशरूम, धींगरी मशरूम और मिल्की मशरूम इन सभी को लगाया जा सकता है, लेकिन इन मशरूम को लगाने के लिए हवादार बंद कमरा और उसमें कूलर, AC और फोगर की व्यवस्था होना बहुत जरूरी है.
सहारनपुरः यूपी में मशरूम उत्पादन में सहारनपुर नंबर एक स्थान रखता है, इसीलिए यहां के ज्यादातर युवा परंपरागत खेती से हटकर मशरूम की खेती करना पसंद करते हैं. गर्मी का मौसम चल रहा है और गर्मी के मौसम में युवा कौन से मशरूम की वैरायटी को लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. साथ ही गर्मी के मौसम में अपनी मशरूम को गर्मी से कैसे बचा सकते हैं.
मशरूम एक फफूंदी है जिसमें तापमान और नमी दोनों बरकरार रहना बेहद जरूरी होता है. गर्मी के मौसम में बटन मशरूम, ओयस्टर मशरूम, धींगरी मशरूम और मिल्की मशरूम इन सभी को लगाया जा सकता है, लेकिन इन मशरूम को लगाने के लिए हवादार बंद कमरा और उसमें कूलर, AC और फोगर की व्यवस्था होना बहुत जरूरी है. क्योंकि गर्मी में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है जबकि मिल्की मशरूम में 35 डिग्री तक तापमान की आवश्यकता होती है जबकि बटन मशरूम में लगभग 25 डिग्री तक तापमान की आवश्यकता होती है. उसके लिए ठंडक बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. वहीं अगर मशरूम में उत्पादन कम निकल रहा है.
तापमान मेंटेन करने के लिए करें फोगर का इस्तेमाल
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई.के कुशवाहा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि इस समय जो टेंपरेचर चल रहा है, वह 30 डिग्री से अधिक चल रहा है. जबकि सफेद बटन मशरूम का समय अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. जबकि मशरूम का तापमान मेंटेन करने के लिए विभिन्न तरह के प्रयास किए हैं. उन क्षेत्रों में जहां पर मशरूम का उत्पादन किसान कर रहे हैं वहां पर तापमान मेंटेन करने के लिए किसान फोगर का इस्तेमाल करें.
फोगर एक ऐसा यंत्र है जिससे मशरूम के रूम में तापमान और नमी दोनों मेंटेन की जा सकती है. साथ ही झोपड़ी के ऊपर भी चलकर उसके तापमान को मेंटेन किया जा सकता है. दूसरा मशरूम है ऑयस्टर मशरूम जिसको ढींगरी मशरूम के नाम से भी जाना जाता है. जिसके लिए 25 डिग्री से लेकर 35 डिग्री तापमान की आवश्यकता पड़ती है. अगर कमरे की नमी ज्यादा बढ़ गई है जो की बढ़कर लगभग 80 से 90 तक हो जाती है तो उससे क्या होता है कि मशरूम के बैग में भूसे के बीच में एक सफेद रंग की फफूंदी जो उसमें माइसेलिय की एक हार्ड लेयर लग जाती है जिसके कारण फ्रिटिंग बॉडी निकल नही पाती है.
हार्ड लेयर बनने पर करें ये काम
अगर ऐसी हार्ड लेयर बन गई है तो उन परिस्थितियों में जगह-जगह से बैग को काट दे, और अंदर के हिस्से को भी चिर कर हटा दे. ऐसा करने से मशरूम को बाहर निकलने का अवसर मिलेगा. ऑयस्टर मशरूम में गर्मी में गर्म हवा अंदर नही जानी चाहिए अन्यथा मशरूम पूरे तरीके से खराब हो जाती है. तीसरी मिल्की मशरूम जिसको हमारे किसान भाई अब लगाने का प्रयास कर रहे है लेकिन मेरा यह कहना है किसान भाइयों को क्योंकि मशरूम एक फफूंदी है और मशरूम पैदा करने के लिए नामी 70 से 90% होनी चाहिए इससे नीचे अगर नमी होती है तो मशरूम का उत्पादन नहीं किया जा सकता. अगर आपके पास फोगर, कूलर, AC की व्यवस्था है तो ही आप इस मशरूम का उत्पादन करें अन्यथा बरसात के मौसम के समय इस मशरूम का उत्पादन करें इस तरीके से अगर आप इन मशरूम का उत्पादन करेंगे तो निश्चित तौर पर अच्छा लाभ होगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

