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पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “यह बहुत ज़रूरी है कि अगर हमें अपने युवाओं की रक्षा करनी है, और अगर हमें समाज में दिख रही लैंगिक हिंसा से महिलाओं को बचाना है, अगर हमें राष्ट्र के भविष्य की रक्षा करनी है, तो ऐसा कानून होना चाहिए जो इस बात पर कुछ नियंत्रण रखे कि इंटरनेट पर क्या दिखाया जा सकता है.”

पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने इंटरनेट के लिए सख्त कानून लाने की मांग की. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारत के पूर्व चीफ जस्टिस (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दिल्ली में 32वें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर में हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम का अहम विषय ‘एथिक्स ऑफ पब्लिक लाइफ इन एन एज ऑफ टेक्नोलॉजी’ था. पूर्व सीजेआई ने इंटरनेट पर मौजूद अश्लील कंटेंट पर कड़ी चिंता जताई है. उन्होंने युवाओं और महिलाओं को बचाने के लिए ठोस कानून की मांग की. चंद्रचूड़ ने कहा कि इंटरनेट पर क्या दिखाया जाए, इस पर कंट्रोल बहुत जरूरी है. उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के एथिकल लीडरशिप की भी बहुत जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने मुश्किल समय में देश को एक शानदार विजन दिया था. 1965 के युद्ध और फूड क्राइसिस के दौरान उनका योगदान बहुत अहम था.
पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन को बहुत प्रेरणादायक बताया. चंद्रचूड़ ने कहा, “मैं उनके काम करने के शानदार तरीके से बहुत ज्यादा प्रभावित हूं. उन्होंने दिल की गहराइयों से ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था. जब उन्होंने सत्ता संभाली तब भारत के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किल समय था. हम 1965 का युद्ध लड़ रहे थे और भारी फूड क्राइसिस का सामना कर रहे थे. लाल बहादुर शास्त्री ने देश में एथिकल लीडरशिप की बहुत मजबूत नींव रखी थी. वह सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी ग्लोबल ह्यूमैनिटी के लिए एक मिसाल थे. भारत की हर पीढ़ी शास्त्री जी के काम और शानदार जीवन से बहुत प्रेरित है.”
इंटरनेट पर कंट्रोल होना बहुत जरूरी है
पूर्व सीजेआई ने इंटरनेट के बढ़ते गलत इस्तेमाल पर अपनी भारी चिंता जाहिर की. चंद्रचूड़ ने कहा, “युवाओं और महिलाओं को जेंडर वायलेंस से बचाना बहुत ही अहम है. समाज में बढ़ती हिंसा से देश के फ्यूचर को सुरक्षित करना अब बहुत जरूरी हो गया है. इंटरनेट पर क्या दिखाया जा सकता है, इस पर कंट्रोल लाने वाला कानून बनना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “आज के युवा इंटरनेट पर सेक्शुअल वायलेंस और पोर्नोग्राफी का सरेआम शिकार हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि हम एक राष्ट्र के रूप में इसमें अपना अहम दखल दें. मुझे पूरा यकीन है कि हमारे लेजिस्लेटर्स इस बड़े मुद्दे पर बहुत गंभीरता से सोचेंगे. हमारी युवा जनरेशन का फ्यूचर बचाने के लिए ऐसा कड़ा कदम उठाना बहुत जरूरी है.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

