International
oi-Sumit Jha
Nepal
politics
crisis:
नेपाल
की
राजनीति
एक
बार
फिर
उथल-पुथल
में
है।
पूर्व
प्रधानमंत्री
केपी
शर्मा
ओली
को
सत्ता
गंवाने
के
बाद
भी
Gen
Z
समूह
के
तीखे
विरोध
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।
आठ
सितंबर
को
हुए
सरकार
विरोधी
प्रदर्शनों
के
दौरान
हुई
गोलीबारी
में
19
लोगों
की
मौत
का
आरोप
ओली
और
उनके
सहयोगियों
पर
लगाया
जा
रहा
है।
इसी
कड़ी
में
अब
Gen
Z
ने
ओली,
तत्कालीन
गृहमंत्री
रमेश
लेखक
और
काठमांडू
के
मुख्य
जिला
अधिकारी
की
गिरफ्तारी
की
मांग
तेज
कर
दी
है।
ऐसे
में
बड़ा
सवाल
है।
क्या
नेपाल
एक
बार
फिर
बड़े
विरोध-आंदोलन
की
चपेट
में
आने
वाला
है?

19
लोगों
की
मौत
और
गिरफ्तारी
की
मांग
प्रदर्शनकारियों
का
कहना
है
कि
नया
बानेश्वर
इलाके
में
हुई
गोलीबारी
सीधे
तौर
पर
इन
नेताओं
की
जिम्मेदारी
थी।
इस
घटना
में
19
कार्यकर्ताओं
की
मौत
हुई
थी।
इसको
लेकर
Gen-Z
ने
सिंह
दरबार
सचिवालय
के
पास
मैतीघर
मंडला
में
धरना
दिया
और
गिरफ्तारी
की
मांग
को
तेज
कर
दिया।
उच्चस्तरीय
आयोग
की
मांग
Gen
Z
समूह
के
सलाहकार
डॉ.
निकोलस
बुशल
ने
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
में
कहा
कि
1990
के
बाद
से
सभी
शीर्ष
नेताओं
और
अधिकारियों
की
संपत्ति
की
जांच
के
लिए
हाई-लेवल
कमिशन
का
गठन
होना
चाहिए।
यह
मांग
भ्रष्टाचार
के
खिलाफ
आंदोलन
को
और
व्यापक
बना
रही
है।
आरोप
पर
ओली
ने
क्या
कहा?
पूर्व
प्रधानमंत्री
ओली
ने
खुद
पर
लगे
आरोपों
से
इनकार
किया
है।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदर्शनकारियों
पर
पुलिस
ने
नहीं
बल्कि
घुसपैठियों
ने
गोली
चलाई।
ओली
ने
यह
भी
कहा
कि
सरकार
ने
प्रदर्शनकारियों
पर
गोली
चलाने
का
कोई
आदेश
नहीं
दिया
था।
संविधान
दिवस
पर
जारी
बयान
में
उन्होंने
हिंसा
की
जिम्मेदारी
अज्ञात
तत्वों
पर
डाली
और
मामले
की
निष्पक्ष
जांच
की
मांग
की।
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खास
रिश्ता
सोशल
मीडिया
बैन
विवाद
भी
गरमाया
ओली
सरकार
पर
पहले
भी
सोशल
मीडिया
साइट्स
पर
बैन
लगाने
के
आरोप
लगे
थे।
8
सितंबर
को
प्रतिबंध
लगाए
जाने
के
बाद
हिंसक
प्रदर्शन
भड़के,
जिसमें
72
से
अधिक
लोगों
की
जान
गई।
सुप्रीम
कोर्ट
ने
स्पष्ट
किया
कि
उसने
सोशल
मीडिया
बैन
का
आदेश
नहीं
दिया
था,
बल्कि
सरकार
से
सिर्फ
नियमन
का
सुझाव
दिया
था।
नेपाल
की
राजनीति
में
नया
संकट?
ओली
के
खिलाफ
उठी
गिरफ्तारी
की
मांग
ने
नेपाल
की
राजनीति
में
नई
हलचल
पैदा
कर
दी
है।
Gen
Z
की
लगातार
बढ़ती
सक्रियता
और
भ्रष्टाचार
व
अभिव्यक्ति
की
स्वतंत्रता
जैसे
मुद्दों
पर
उनका
दबाव
यह
संकेत
देता
है
कि
आने
वाले
समय
में
नेपाल
एक
और
जनआंदोलन
की
ओर
बढ़
सकता
है।
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तो
इस
शर्त
पर
केपी
शर्मा
ओली
ने
दिया
था
PM
पद
से
इस्तीफा,
नेपाल
की
सत्ता
पलटने
का
अनसुना
किस्सा
आया
सामने

