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Khaprail House Maintenance Tips: मधुबनी में आज भी सबसे अधिक खपरैल घर हैं. स्थानीय विशेषज्ञ शत्रुघ्न मिट्टी के गिलेवा का उपयोग करके इनके रखरखाव की सलाह देते हैं, ताकि वे सुरक्षित रहें और पानी टपकने से बचे. ये घर मौसम के अनुकूल होते हैं. आप जानें तरीका.
मधुबनी: आज भी पूरे बिहार के किसी जिले में अधिक खपरैल घर दिखाई देती तो वह मधुबनी जिला है . ऐसे में जानिए कैसे आप घर इसका रखरखाव कर बचा सकते हैं. मिट्टी को पका कर बना खपरैल जल्दी टूट जाती है लेकिन कुछ तरकीब अपनाने से ये सुरक्षित रहेगी जानिए…
जानें रखरखाव और मरम्मत का तरीका
अब जमाना अपडेट हो गया है,लोग जो भी काम करना चाहते हैं वह फिक्स करना चाहते है, लेकिन आज भी मधुबनी जिला में खपरैल का मकान सबसे अधिक है .ऐसे में इसके रखरखाव भी होती है जो हर कोई नहीं कर सकता बल्कि पुराने लोग ही कर पाते है. चारकोण तरीके से बना इस घर के छत की मरम्मत में काफी सारी परेशानी होती है और इसकी मरम्मत भी वही पुराने लोग कर पाते है, जो कला में माहिर हो,क्योंकि खपरैल के मकान में अंदर से बांस, लकड़ी , खर- पतवार होता है. ऊपर से पक्की मिट्टी खपरैल होती है. यह जल्दी टूट जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जाता है कि बंदर परेशान करते इसके अलावे घर के ऊपर कुछ भी भारी वस्तु गिर जाएं तो मकान के छत से पानी टपकने लगता है.
घोल बनाकर बारीकी से खपरैल जोड़ते
स्थानीय पुराने विशेषज्ञ (मिस्त्री) शत्रुघ्न कहते हैं इसके रखरखाव के लिए मिट्टी के गिलेवा जैसे कि हम पक्का मकान में सीमेंट से ईंट जोड़ते वैसे इसमें मिट्टी के घोल बनाकर बारीकी से खपरैल जोड़ते है, ताकि पानी सीधे-सीधे नीचे गिर जाए और यह मकान सुरक्षित रहे. हालांकि अब लोग पक्का का घर बनाते है, लेकिन आज भी मधुबनी में खपरैल का मकान बहुत है ग्रामीण क्षेत्रों में जिसका रख रखाव ऐसे ही किया जाता है.
मौसम के अनुकूल होता है ये मकान
खपरैल मकान एक बात बहुत अच्छी है कि यह मौसम के अनुकूल होता है. गर्मी मौसम में ही काफी ठंडा प्रदान करता है. ठंड में भी अच्छा है. हालांकि आज तो लोग खपरैल घर नहीं बनाते और ना ही अब कोई भट्ठी ही बची है जो नया खपरैल बनाती है. लेकिन जिसके पास होता है वो एस्बेस्टस के ऊपर भी बचा हुआ फैला देते है ताकि घर गर्म ना हो.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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