पटना. भारतीय रेलवे के पास वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार ट्रेनें हैं, लेकिन इनका किराया आम यात्री की जेब पर भारी पड़ता है. ऐसे में अगर राजधानी एक्सप्रेस जैसी रफ्तार मिले और किराया लगभग आधा हो तो यह किसी बोनस से कम नहीं. पटना से दिल्ली के बीच चलने वाली एक सुपरफास्ट ट्रेन ने यही सपना हकीकत में बदला है. बिहार से चलने वाली यह खास ट्रेन उन यात्रियों के लिए वरदान है जो तेज सफर चाहते हैं लेकिन महंगा किराया नहीं चुका सकते. इसकी रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस के बराबर है, लेकिन किराया लगभग आधा पड़ता है. यही वजह है कि यह ट्रेन वर्षों से यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है. अनौपचारिक तौर पर लोग इसे प्यार से ‘आम आदमी की राजधानी एक्सप्रेस’ कहते हैं.
पटना से दिल्ली तक पूरा टाइम-टेबल
हर स्टेशन की स्टॉप टाइमिंग देखिए
किराया साधारण, सफर सुपरफास्ट
अगर पटना-दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस के किराए की बात करें तो थर्ड एसी का न्यूनतम किराया डायनेमिक प्राइसिंग के साथ 2400 रुपये से ज्यादा हो जाता है. वहीं, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया सिर्फ करीब 1300 रुपये है. हालांकि राजधानी में भोजन शामिल रहता है, लेकिन फिर भी कम बजट वाले यात्रियों के लिए संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस कहीं ज्यादा किफायती विकल्प होती है.
अटल सरकार में बिहावासियों को मिला था उपहार
नीतीश कुमार ने 2002 में लाई ‘क्रांति’
तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस पहली बार 17 फरवरी 2002 को पटना से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. उस समय बिहार के लिए मगध और पूर्वा एक्सप्रेस ही तेज ट्रेनें मानी जाती थीं. कम स्टॉपेज और बेहतर टाइमिंग के कारण यह ट्रेन शुरुआत से ही सबसे तेज सुपरफास्ट ट्रेनों में गिनी जाने लगी. पटना-दिल्ली जैसे व्यस्त रूट पर एक तेज लेकिन किफायती ट्रेन चलाना बिहारवासियों के लिए बड़ा तोहफा माना गया.
ICF से LHB तक, बढ़ती गई रफ्तार
शुरुआत में यह ट्रेन ICF कोचों के साथ 110–120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती थी. ठहराव कम होने की वजह से यह उस दौर की सबसे तेज सुपरफास्ट ट्रेनों में गिनी जाती थी. करीब 10 साल बाद, इसे आधुनिक LHB कोच मिले और फिर इसकी रफ्तार बढ़कर 130 किमी/घंटा हो गई. 8 अगस्त 2015 से संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस नियमित रूप से 130 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगी.
संपूर्ण क्रांति के नाम कई रिकॉर्ड
आम आदमी की राजधानी क्यों न कहें!
संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की उस सोच का उदाहरण है जिसमें रफ्तार, सुविधा और किफायत-तीनों का संतुलन है.यह ट्रेन साबित करती है कि तेज सफर सिर्फ अमीरों के लिए नहीं, आम आदमी के लिए भी हो सकता है. इसी वजह से यात्रियों का मानना है कि इसे ‘आम आदमी की राजधानी एक्सप्रेस’ कहना बिल्कुल सही है.

