- 70 साल से गांव की सफाई में जुटे अशोक पाल जी की कहानी बनी लोगों की आवाज़!
10 साल की उम्र में हाथ में झाड़ू उठाई थी, आज 70 साल बाद भी अशोक पाल जी गांव की सफाई में जुटे हैं।
पश्चिम बंगाल के अशोक पाल जी ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा गांव की सड़कों और आसपास की जगहों को साफ रखने में लगा दिया। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें चौथी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन इसके बाद उन्होंने सफाई को ही अपनी जिम्मेदारी बना लिया।न कोई वेतन, न किसी से उम्मीद—बस अपने गांव को साफ रखने का जुनून।
उम्र बढ़ती गई, शरीर थकता गया, लेकिन गांव की सफाई का उनका काम नहीं रुका। कई बार लोगों ने उन्हें समझा नहीं, लेकिन अशोक पाल जी अपने काम में लगे रहे।जब द बेटर इंडिया ने उनकी कहानी लोगों तक पहुंचाई, तो उनकी जिंदगी में एक खूबसूरत बदलाव आया। उनकी कहानी पढ़कर कई लोग मदद के लिए आगे आए और अशोक पाल जी को ₹85,000 की आर्थिक मदद मिली। ❤️
यह सिर्फ ₹85,000 की मदद नहीं, बल्कि उस इंसान के लिए लोगों का सम्मान और आभार है, जिसने बिना किसी स्वार्थ के 70 साल अपने गांव की सेवा में लगा दिए।
अशोक पाल जी का साथ देने वाले हर व्यक्ति का दिल से शुक्रिया। ❤️
एक कहानी किसी की जिंदगी में उम्मीद बन सकती है—यह उसकी खूबसूरत मिसाल है।
2. पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने वाले 122 बच्चों को मिला एक पक्का कमरा
पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने वाले 122 बच्चों को मिला एक पक्का कमरा।
The Better India Hindi ने जब अजय सर और उनकी ‘गुरूजी क्लासेस’ की कहानी दिखाई, तब देश-विदेश से लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए।
आज वही बच्चे, जो कभी पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ते थे, एक पक्के मकान में पढ़ रहे हैं।
122 बच्चों के लिए अब पढ़ाई की जगह सिर्फ एक क्लास नहीं, बल्कि उनका अपना सुरक्षित स्कूल है।
साल 2018 में एक चटाई और कुछ किताबों से शुरू हुई ‘गुरूजी क्लासेस’ आज इस मुकाम तक पहुंची है।
अजय सर ने इन बच्चों का हाथ थामा, उन्हें पढ़ाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।
इस बदलाव का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति को दिल से धन्यवाद। ❤️
आपकी मदद ने इन बच्चों की पढ़ाई को सिर्फ जारी नहीं रखा, बल्कि उन्हें एक पक्की छत भी दी।
3. एक कहानी ने बदली एक परिवार की सी तस्वीर! ❤️
माँ, बेटी और सास—तीनों के लिए अब रोज़ साथ आता है प्यार से भरा Tiffin!
तीन महिलाओं ने परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए साथ मिलकर काम शुरू किया और अपने हुनर को कमाई का जरिया बनाया।
The Better India Gujarati ने जब उनकी कहानी लोगों तक पहुंचाई, तो उनके Orders बढ़ने लगे और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। आज बढ़ते काम के साथ उनके घर में कमाई के साथ खुशियां भी बढ़ी हैं।

